भूस्खलन से बंद हुआ शिमला-मटौर हाईवे, प्रशासन ने जारी किया नया ट्रैफिक प्लान
भूस्खलन से बंद हुआ शिमला-मटौर हाईवे, प्रशासन ने जारी किया नया ट्रैफिक प्लान

Post by : Himachal Bureau

July 1, 2026 4:22 p.m. 120

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इसी बीच सोलन जिले की सीमा से सटे क्यारड़ क्षेत्र में हुए भारी भूस्खलन के कारण शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-205 (NH-205) पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पहाड़ी से लगातार मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण सड़क पर आवाजाही असुरक्षित हो गई है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत ट्रैफिक रोकते हुए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने का निर्णय लिया है।

बारिश और फोरलेन निर्माण कैसे बने सड़क बंद होने की वजह

जानकारी के अनुसार नौणी से भराड़ीघाट के बीच शिमला-मटौर फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। लगातार बारिश के कारण क्यारड़ के पास पहाड़ी कमजोर हो गई और अचानक भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। इसके चलते हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।

प्रशासन का कहना है कि पहाड़ी से अब भी पत्थर और मलबा गिर रहा है, इसलिए इस क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रखी गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नम्होल-राजघाटी मार्ग को भी अस्थायी रूप से सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला केवल लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

अब शिमला जाने के लिए कौन-कौन से वैकल्पिक रास्ते खुले हैं

हाईवे बंद होने के बाद जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। बिलासपुर और हमीरपुर से शिमला जाने वाले वाहनों को अब ब्रह्मपुखर, जुखाला, जब्बल पुल, रानीकोटला, खारसी और दाड़लामोड़ मार्ग से भेजा जा रहा है। इसी तरह शिमला से मंडी की ओर जाने वाले वाहनों को दाड़लामोड़, नवगांव, खारसी, रानीकोटला और बैरी के रास्ते भेजा जा रहा है।

वहीं शिमला से बिलासपुर और हमीरपुर लौटने वाले वाहन भी दाड़लामोड़, खारसी, रानीकोटला, जब्बल पुल और घाघस होकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा से पहले सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी जरूर लें।

सड़क बहाल करने में जुटी हैं टीमें

भूस्खलन के बाद संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। भारी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। हालांकि पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण राहत कार्य में सावधानी बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने और खतरा कम होने के बाद ही सड़क को पूरी तरह यातायात के लिए खोला जाएगा। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही मार्ग सुरक्षित होगा, आम लोगों को इसकी सूचना जारी की जाएगी।

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एसपी ने वाहन चालकों के लिए जारी की एडवाइजरी

बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि संकरे रास्तों पर ओवरटेक करने से बचें और एंबुलेंस तथा अन्य आपातकालीन वाहनों को पहले निकलने दें। इससे वैकल्पिक मार्गों पर यातायात सुचारु बना रहेगा और किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सकेगा।

बारिश के मौसम में सतर्क रहने की जरूरत

हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में यात्रियों और वाहन चालकों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करना चाहिए। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है, इसलिए जोखिम वाले क्षेत्रों में आवश्यक होने पर यातायात अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।

क्यारड़ में हुआ यह भूस्खलन एक बार फिर यह याद दिलाता है कि लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। जब तक शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक यात्रियों को प्रशासन द्वारा बताए गए वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करना चाहिए।

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