अनावश्यक यात्रा से बचें, अत्यंत आवश्यक होने पर ही लाहौल-स्पीति आएं : उपायुक्त किरण भड़ाना
अनावश्यक यात्रा से बचें, अत्यंत आवश्यक होने पर ही लाहौल-स्पीति आएं : उपायुक्त किरण भड़ाना

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

July 1, 2026 6:33 p.m. 270

हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन स्थल लाहौल-स्पीति जाने की योजना बना रहे लोगों के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की अध्यक्ष किरण भड़ाना ने आम लोगों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि मानसून के दौरान केवल बहुत जरूरी होने पर ही लाहौल-स्पीति की यात्रा करें। उन्होंने कहा कि मौसम लगातार बदल रहा है और ऐसी स्थिति में बिना पूरी जानकारी के यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान और सड़कों की स्थिति जरूर जांच लें।

सामान्य से अधिक बारिश की संभावना

उपायुक्त किरण भड़ाना ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस वर्ष लाहौल-स्पीति जिले में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जिले का पहाड़ी और संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्र मानसून के समय प्राकृतिक आपदाओं के लिए अधिक संवेदनशील रहता है। ऐसे में थोड़ी अधिक बारिश या बादल फटने जैसी घटनाएं भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम को हल्के में न लेने और पूरी सावधानी बरतने की अपील की है।

भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का बढ़ सकता है खतरा

प्रशासन के अनुसार अधिक बारिश होने पर जिले में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कई संपर्क सड़कें बंद हो सकती हैं। सड़क बंद होने से यात्रियों को लंबे समय तक रास्ते में रुकना पड़ सकता है और यात्रा प्रभावित हो सकती है। इसलिए बिना जरूरत यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

यात्रा से पहले मौसम और सड़क की जानकारी जरूर लें

उपायुक्त ने कहा कि फिलहाल जिले की अधिकतर सड़कें यातायात के लिए खुली हुई हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम कभी भी बदल सकता है। इसी कारण यात्रियों और वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग की जानकारी, जिला प्रशासन द्वारा जारी सलाह और सड़क की वर्तमान स्थिति की पुष्टि जरूर करनी चाहिए। सही जानकारी के साथ यात्रा करने से अनावश्यक जोखिम से बचा जा सकता है और सफर भी सुरक्षित रहेगा।

किरण भड़ाना ने बताया कि जिला प्रशासन पूरे मानसून सीजन के दौरान हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से सभी जरूरी तैयारियां कर ली गई हैं। प्रशासन लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर समय-समय पर नई सलाह भी जारी करेगा। लोगों से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर भरोसा न करें।

उपायुक्त ने कहा कि यदि जिले में सामान्य से अधिक बारिश होती है तो सड़कें बंद होने, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार काम कर रहे हैं। सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

Read Also: सालों पुरानी जाम की समस्या से मिलेगी राहत, साई मार्ग चौड़ीकरण कार्य का शुभारंभ

पर्यटकों से जिम्मेदारी के साथ यात्रा करने की अपील

प्रशासन ने पर्यटकों से कहा है कि लाहौल-स्पीति की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने से पहले अपनी सुरक्षा को सबसे अधिक महत्व दें। यदि यात्रा जरूरी नहीं है तो मौसम सामान्य होने का इंतजार करना बेहतर रहेगा। वहीं जिन लोगों को किसी आवश्यक कार्य से जिले में आना है, वे यात्रा से पहले सभी जरूरी जानकारी प्राप्त करें, वाहन की स्थिति की जांच करें और प्रशासन की सलाह का पूरी तरह पालन करें। इससे यात्रा सुरक्षित रहेगी और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने में मदद मिलेगी।

लाहौल-स्पीति हिमाचल प्रदेश के सबसे खूबसूरत लेकिन संवेदनशील पहाड़ी जिलों में से एक है। मानसून के समय यहां मौसम तेजी से बदल सकता है और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से जारी यात्रा सलाह को गंभीरता से लेना जरूरी है। मौसम और सड़क की ताजा जानकारी के आधार पर ही यात्रा का निर्णय लेना समझदारी होगी। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है और सभी से सहयोग की अपेक्षा की जाती है।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें #लाहौल और स्पीति
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी किए निर्देश मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंबर तक चलेगी यात्रा हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज हथलौंण की बेटी शिल्पा सोनी का चयन, बंगाणा में बनेंगी रसायन प्रवक्ता हिमाचल में 4.0 तीव्रता का भूकंप, शिमला समेत 5 जिलों में झटके