धर्मशाला में जमीन सौदों की बड़ी जांच, 300 रजिस्ट्रियां खंगाल रही विजिलेंस
धर्मशाला में जमीन सौदों की बड़ी जांच, 300 रजिस्ट्रियां खंगाल रही विजिलेंस

Post by : Himachal Bureau

Sept. 5, 2026 12:50 p.m. 116

धर्मशाला। कांगड़ा जिले के धर्मशाला और आसपास के इलाकों में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक बड़े मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। विजिलेंस ने प्रॉपर्टी डीलर नेक राम को गिरफ्तार किया है और उसके नाम से जुड़ी करीब 300 जमीन रजिस्ट्रियों के दस्तावेज जांच के लिए अपने कब्जे में लिए हैं। जांच एजेंसी अब वर्ष 2007 से अब तक हुए जमीन के लेन-देन, राजस्व रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है।

परिवार के नाम भी मिली संपत्तियां

विजिलेंस जांच में नेक राम के अलावा उसकी पत्नी और माता के नाम पर भी धर्मशाला और पालमपुर क्षेत्र में कई संपत्तियों से जुड़े लेन-देन सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में इन संपत्ति सौदों की कुल कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि जमीन खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम कहां से आई और इन संपत्तियों का वास्तविक लाभ किसे मिला।

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करीब 300 रजिस्ट्रियों की होगी पड़ताल

विजिलेंस ने धर्मशाला तहसील कार्यालय से नेक राम के नाम से जुड़ी जमीन खरीद-बिक्री की करीब 300 रजिस्ट्रियों की प्रमाणित प्रतियां हासिल की हैं। इन दस्तावेजों की राजस्व रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और जमीन के पुराने रिकॉर्ड से तुलना की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि किसी रजिस्ट्री या नामांतरण में नियमों का उल्लंघन अथवा दस्तावेजों में हेरफेर तो नहीं हुई।

सरकारी और वन भूमि के रिकॉर्ड पर भी सवाल

जांच में सरकारी और वन भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की भी पड़ताल की जा रही है। आरोप है कि कुछ जमीनों के हस्तांतरण में जाली दस्तावेज, हस्ताक्षर या पावर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य पेश होने के बाद ही होगी।

राजस्व अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

विजिलेंस यह भी जांच रही है कि जमीन से जुड़े कथित अनियमित लेन-देन में राजस्व विभाग के किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका रही या नहीं। जांच एजेंसी रिकॉर्ड में हुए बदलाव, नामांतरण और रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

पांच सितंबर तक पुलिस रिमांड

गिरफ्तारी के बाद आरोपी नेक राम को अदालत में पेश किया गया था, जहां से उसे 5 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया। विजिलेंस पूछताछ के दौरान जमीन सौदों, धन के स्रोत और अन्य संभावित लाभार्थियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

जांच का दायरा बढ़ने के संकेत

करीब 300 रजिस्ट्रियों की जांच के कारण मामला अब केवल एक या दो जमीन सौदों तक सीमित नहीं रह गया है। धर्मशाला, पालमपुर और आसपास के क्षेत्रों में हुए पुराने लेन-देन भी जांच के दायरे में आ गए हैं। विजिलेंस की जांच अभी जारी है और एजेंसी ने फिलहाल सभी लेन-देन को अवैध घोषित नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन जमीन सौदों में कानून या राजस्व नियमों का उल्लंघन हुआ।

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