Post by : Himachal Bureau
भरमौर। उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान जन्माष्टमी के छोटे शाही न्हौण पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। करीब 10 हजार शिवभक्तों ने मणिमहेश की पवित्र डल झील में आस्था की डुबकी लगाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। समुद्र तल से करीब 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित डल झील तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं ने कठिन पैदल यात्रा की। ठंड और दुर्गम रास्ते के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरा क्षेत्र भोलेनाथ के जयकारों से गूंजता रहा।
जन्माष्टमी के छोटे न्हौण का शुभ समय शुक्रवार तड़के शुरू हुआ। इसके साथ ही डल झील में श्रद्धालुओं ने स्नान करना शुरू कर दिया। श्रद्धालुओं ने पवित्र जल में स्नान करने के बाद मणिमहेश कैलाश के दर्शन किए और चतुर्मुखी शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालु डल झील का पवित्र जल भी अपने साथ लेकर लौटे।
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो दिनों में करीब 10 हजार श्रद्धालु पैदल मार्ग और हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए मणिमहेश डल झील तक पहुंचे। इस वर्ष यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इससे प्रशासन को यात्रा मार्ग और डल झील क्षेत्र में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का बेहतर रिकॉर्ड रखने में मदद मिल रही है।
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छोटे शाही न्हौण में हिस्सा लेने के बाद शुक्रवार दोपहर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वापसी शुरू कर दी। कई श्रद्धालु भरमौर और चंबा की ओर लौट चुके हैं। प्रशासन यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रख रहा है। हड़सर से डल झील तक पैदल मार्ग का भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया है।
मणिमहेश यात्रा में जन्माष्टमी का छोटा न्हौण महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन सबसे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के राधाष्टमी के बड़े शाही न्हौण के दौरान पहुंचने की उम्मीद है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर विकास शर्मा के अनुसार आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है। इसे देखते हुए सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को मजबूत रखा गया है।
चंबा जिला प्रशासन के अनुसार मणिमहेश यात्रा 2026 आधिकारिक रूप से 4 सितंबर से 19 सितंबर तक चलेगी। श्रद्धालुओं के लिए यात्रा से पहले पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्देशों का पालन करने तथा बिना पंजीकरण यात्रा पर न निकलने की अपील की है। जन्माष्टमी के छोटे शाही न्हौण के साथ इस वर्ष की मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली है। अब प्रशासन की नजर राधाष्टमी के बड़े शाही न्हौण पर है, जब डल झील में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
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