Post by : Himachal Bureau
अरुणाचल प्रदेश से एक डरावनी घटना सामने आई है, जहां भारी बारिश के बीच अचानक हुए भूस्खलन में एक बाइक सवार मलबे के साथ नीचे की ओर बह गया। यह घटना इतनी अचानक हुई कि बाइक सवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पहाड़ी सड़क का एक बड़ा हिस्सा कुछ ही सेकंड में धंस गया और मिट्टी, पत्थर और मलबा अपने साथ बाइक सवार को भी बहा ले गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस खतरनाक हादसे में उसकी जान बच गई।
कहां हुआ यह हादसा?
जानकारी के अनुसार यह घटना 28 जून को अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले के सिजी गांव में हुई। मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इसी बीच एक बाइक सवार संकरे और कीचड़ भरे पहाड़ी रास्ते से गुजर रहा था। अचानक सड़क का हिस्सा कमजोर होकर टूट गया और देखते ही देखते बड़ा हादसा हो गया।
सड़क धंसने के बाद क्या हुआ?
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार बाइक सवार जिस रास्ते से गुजर रहा था, वहीं अचानक पहाड़ का हिस्सा टूट गया। मिट्टी, पत्थर और मलबा तेजी से नीचे की ओर जाने लगा, जिसकी चपेट में बाइक सवार भी आ गया। मलबे के साथ बहते हुए वह नीचे की ओर पहुंच गया। घटना के बाद पूरे इलाके में धूल और मिट्टी का गुबार फैल गया। इतनी भयावह स्थिति के बावजूद बाइक सवार सुरक्षित बच गया और उसके गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
मानसून में क्यों बढ़ जाता है भूस्खलन का खतरा?
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जमीन कमजोर हो जाती है। पानी मिट्टी के अंदर जाने से पहाड़ों की पकड़ कम हो जाती है और अचानक भूस्खलन की स्थिति बन सकती है। अरुणाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान सड़क टूटने, चट्टान गिरने और जमीन खिसकने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।
लोगों ने घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद लोग हैरान रह गए। कई लोगों ने बाइक सवार के सुरक्षित बचने को बेहद भाग्यशाली बताया। लोगों ने मानसून के मौसम में पहाड़ी इलाकों की यात्रा करते समय सावधानी बरतने की अपील की। कई लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है, क्योंकि खतरा कभी भी सामने आ सकता है।
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पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी लेना जरूरी है। जहां सड़क पर मलबा, पानी का तेज बहाव या जमीन में दरार दिखाई दे, वहां रुक जाना चाहिए। प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करना और जोखिम वाले रास्तों से बचना हादसों को रोकने में मदद कर सकता है।
लगातार बारिश के चलते अरुणाचल प्रदेश समेत कई पहाड़ी राज्यों में प्रशासन सतर्क है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और लोगों से सुरक्षित यात्रा करने की अपील की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम और भारी बारिश के कारण आने वाले समय में ऐसे क्षेत्रों में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
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