हिमाचल में अचानक बदला मौसम, कई सड़कें बंद और बिजली व्यवस्था प्रभावित
हिमाचल में अचानक बदला मौसम, कई सड़कें बंद और बिजली व्यवस्था प्रभावित

Post by : Himachal Bureau

March 24, 2026 10:50 a.m. 138

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में ठंड और सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। सोमवार को रोहतांग दर्रा सहित लाहौल और मनाली की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात दर्ज किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में सर्दी का माहौल बन गया। वहीं कुल्लू जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिसने जनजीवन को प्रभावित किया। राजधानी शिमला में दिन के समय मौसम सामान्य रहा, लेकिन शाम होते ही अचानक मौसम बदला और ओलावृष्टि देखने को मिली, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। हालांकि अन्य जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। 26 मार्च को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि होने की संभावना है, जिसके चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 27 और 28 मार्च को मौसम साफ रहने का अनुमान है, जबकि 29 मार्च को एक बार फिर मौसम के बदलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है।

सोमवार को शिमला में सुबह के समय बादल छाए रहे, जिससे ठंड का एहसास बना रहा। दिन के समय धूप खिलने से लोगों को कुछ राहत मिली, लेकिन शाम को अचानक मौसम खराब हो गया और ओलावृष्टि शुरू हो गई। इससे शहर के कई हिस्सों में ठंड बढ़ गई और लोगों को अचानक मौसम परिवर्तन का सामना करना पड़ा। वहीं अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल और सिस्सू क्षेत्र में पर्यटकों ने गिरती बर्फ के बीच खूब आनंद लिया और इस मौसम का लुत्फ उठाया।

इस बीच सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने अटल टनल से कोकसर की ओर बर्फ हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया है, ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके। हालांकि मौसम की खराब स्थिति के चलते कई मार्ग प्रभावित हुए हैं और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

कुल्लू जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। बारिश और बर्फबारी के चलते करीब 30 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा 15 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए। प्रशासन द्वारा बिजली और सड़कों को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

जिला चंबा में भी मौसम का असर देखने को मिला। सुबह के समय जहां धूप खिली हुई थी, वहीं दोपहर बाद अचानक बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम ठंडा हो गया। जनजातीय क्षेत्र भरमौर और पांगी की ऊंची चोटियों में लगभग पांच-पांच सेंटीमीटर तक हिमपात दर्ज किया गया, जिससे इन क्षेत्रों में ठंड और बढ़ गई है।

मंडी जिले के सरकाघाट और जोगिंद्रनगर में अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि जिला मुख्यालय मंडी, पधर और बल्ह घाटी में हल्की बूंदाबांदी हुई। इस बदलते मौसम ने किसानों और आम लोगों दोनों को प्रभावित किया है।

तापमान की बात करें तो प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कुकुमसेरी में 0.8, कल्पा में 2.6, कुफरी में 5.4, मनाली में 6.2, शिमला में 8.2, धर्मशाला में 8.9, सोलन और बिलासपुर में 10.0, मंडी में 12.3, ऊना में 12.4 और कांगड़ा में 12.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

अधिकतम तापमान की बात करें तो ऊना में 29.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा कांगड़ा में 26.4, मंडी में 25.6, नाहन में 25.1, धर्मशाला में 23.0, शिमला में 18.5, मनाली में 16.5, कल्पा में 15.7 और केलांग में 5.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है।

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