मुख्यमंत्री ने रेडी-एचपी परियोजना की समीक्षा की, आपदा प्रबंधन व विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने रेडी-एचपी परियोजना की समीक्षा की, आपदा प्रबंधन व विकास पर जोर

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

May 12, 2026 4:04 p.m. 118

शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राज्य की एक महत्वपूर्ण और बड़ी परियोजना रेडी-एचपी परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में चल रही परियोजना की प्रगति, इसके क्रियान्वयन और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

यह परियोजना लगभग 2687 करोड़ रुपये की लागत से संचालित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश को आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित और सक्षम बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच प्रदेश में 86 बार बादल फटने की घटनाएं, 234 भूस्खलन और 121 बाढ़ की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे राज्य को 12,500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि REDI-HP Project का मुख्य लक्ष्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे जैसे सड़कें, जल आपूर्ति योजनाएं, बिजली व्यवस्था और आजीविका से जुड़ी परियोजनाओं को फिर से मजबूत करना है। इसके साथ ही इस परियोजना के माध्यम से राज्य में आपदा के बाद पुनर्वास के लिए एक मजबूत और प्रभावी प्रणाली विकसित की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना केवल राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें रोजगार के नए अवसर देने की दिशा में भी काम करेगी। इसके तहत आजीविका सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और बीमा सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा ग्रीन पंचायत जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने किसानों और बागवानों के लिए विशेष रूप से मजबूत संरचना और सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के समय उनकी फसलें और आजीविका सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि आपदा के समय लोगों को जल्दी से जल्दी राहत मिले और उनका जीवन सामान्य हो सके।

बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व के.के. पंत, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति पर अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए और इसके बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की।

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