13 साल का संघर्ष और अधूरी आस, जयसिंहपुर के हरीश राणा को मिली इच्छामृत्यु की मंजूरी, गांव में शोक
13 साल का संघर्ष और अधूरी आस, जयसिंहपुर के हरीश राणा को मिली इच्छामृत्यु की मंजूरी, गांव में शोक

Post by : Himachal Bureau

March 18, 2026 5:02 p.m. 115

उपमंडल के सरी मोलग क्षेत्र के प्लेटा गांव में आज हर आंख नम है और माहौल बेहद गमगीन है। ग्रामीण जिस हरीश राणा के स्वस्थ होकर घर लौटने की आस लगाए बैठे थे, अब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उसे इच्छामृत्यु की मंजूरी दिए जाने की खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। 13 वर्षों तक जिंदगी और मौत के बीच चले लंबे संघर्ष के बाद आई इस खबर से न केवल परिवार, बल्कि पूरा गांव और हरीश के बचपन के साथी भावुक हैं।

एक हादसे ने बदल दी जिंदगी की दिशा हरीश राणा की यह दुखद कहानी 20 अगस्त 2013 को रक्षाबंधन के दिन शुरू हुई थी। हरीश के मामा मिलाप सिंह (निवासी कच्छाल जग्गियां) पुरानी यादों को साझा करते हुए बताते हैं कि उस दिन ममेरे भाई ने जब हरीश को राखी बंधवाने साथ चलने को कहा, तो उसने हंसते हुए जवाब दिया था— "आप चलो, मैं थोड़ी देर बाद आता हूँ..."। किसी को अंदाजा नहीं था कि सामान्य सी दिखने वाली यह बातचीत हरीश की आखिरी बातचीत बन जाएगी। इसके कुछ ही समय बाद वह चौथी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और कोमा में चला गया, जिससे वह फिर कभी बाहर नहीं आ सका।

परिवार का संघर्ष और यादों का आंगन हरीश के पिता अशोक राणा रोजगार के सिलसिले में भले ही प्रदेश से बाहर बस गए थे, लेकिन उन्होंने अपने गांव प्लेटा से नाता कभी नहीं तोड़ा। कोविड काल के दौरान उन्होंने गांव में नया मकान बनाया था और काफी समय यहीं बिताया था। हरीश के इलाज के लिए परिवार ने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी, यहाँ तक कि दिल्ली वाला घर भी बेचना पड़ा और वे गाजियाबाद स्थानांतरित हो गए। मिलाप सिंह बताते हैं कि घर का एक कमरा मानो छोटा अस्पताल बन गया था, जहाँ वर्षों तक हरीश मशीनों और पाइपों के सहारे सांसें लेता रहा।

बचपन की यादें और ग्रामीणों की संवेदनाएं पड़ोसी सुदेश कुमारी ने भावुक मन से बताया कि बचपन में जब भी हरीश गांव आता था, तो पूरे मोहल्ले में रौनक रहती थी। बच्चों के साथ उसका खेलना और खिलखिलाना आज भी सबकी यादों में ताजा है। वहीं ग्राम पंचायत सरी के उपप्रधान राजू राणा ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुखद और संवेदनशील मामला है। उन्होंने कहा कि पूरा क्षेत्र इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और उनके प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट करता है।

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