Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि जन सेवाओं को सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग में हिमाचल प्रदेश देश का नंबर वन राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज और जनजातीय क्षेत्रों तक आज अधिकांश सरकारी सेवाएं कंप्यूटर माउस की एक क्लिक पर आम नागरिकों को उपलब्ध हो रही हैं, जो सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री सोमवार सायं सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ आईटी एंड ई-गवर्नेंस इन हिमाचल प्रदेश की सामान्य सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभाग द्वारा विकसित विभिन्न आईटी आधारित एप्लीकेशनों और सॉफ्टवेयर की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इन्हें और अधिक नागरिक-हितैषी, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने ‘हिम उपस्थिति’ एप्लीकेशन की गहन समीक्षा करते हुए इसे और अधिक पारदर्शी व विश्वसनीय बनाने पर बल दिया। साथ ही ‘हिम एक्सेस पोर्टल’ पर प्रदेश सरकार के सभी कर्मचारियों का पंजीकरण अनिवार्य करने के निर्देश दिए और एक माह के भीतर पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने एसेट मैपिंग एप्लीकेशन का शुभारंभ करते हुए बताया कि इससे नागरिकों की संपत्ति से संबंधित संपूर्ण और नवीनतम विवरण उपलब्ध होगा, जिससे आधारभूत संरचना विकास, नीति निर्माण और संसाधन प्रबंधन में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिम सेवा पोर्टल में राजस्व सेवाओं की त्वरित और प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित दस्तावेज सत्यापन और प्रमाणीकरण प्रणाली को एकीकृत किया जा रहा है। यह प्रणाली आवेदन के प्रारंभिक स्तर पर दस्तावेजों की स्वतः जांच कर त्रुटियों की पहचान करेगी, जिससे अनावश्यक अस्वीकृति और कार्यालयों के चक्कर समाप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि एआई प्रणाली दस्तावेजों की स्पष्टता, प्रारूप, हस्ताक्षर और व्यक्तिगत विवरणों का मिलान कर तुरंत आवेदक को त्रुटि की सूचना देगी, जिससे सुधार उसी समय संभव होगा। इससे नागरिकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राजस्व अधिकारियों का कार्यभार भी कम होगा।
मुख्यमंत्री ने हिम परिवार पोर्टल में पंचायत स्तर तक संपूर्ण मैपिंग, सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों के समावेश और इसे सभी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ई-गवर्नेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन तकनीक को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जा रहा है, जिससे डाटा सुरक्षा, पारदर्शिता और रिकॉर्ड प्रबंधन में बड़ा सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने लोक मित्र केंद्रों की संख्या बढ़ाने और उनके संचालकों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर भी जोर दिया, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (डीटीजी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल ने बताया कि ‘आरोहण-2025’ सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश को अपनी दूरदर्शी डिजिटल शासन पहल ‘हिम परिवार परियोजना’ के लिए विशेष मान्यता प्राप्त हुई है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, श्याम भगत नेगी सहित विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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