Author : Rajesh Vyas
चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर ने डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यान एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इस संगोष्ठी का विषय था — “सस्टेनेबिलिटी के लिए समन्वय: पादप स्वास्थ्य प्रबंधन में शिक्षाविद–उद्योग सहयोग को सुदृढ़ बनाने के उपाय।” इस प्रतिष्ठित आयोजन में विश्वविद्यालय के पादप रोग विज्ञान विभाग ने सक्रिय भागीदारी निभाई और अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा शोध क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
संगोष्ठी में देशभर से वैज्ञानिक, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ और शोधार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य पादप स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में नवीन और सतत् उपायों पर विचार-विमर्श करना तथा शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच सहयोग को मजबूत बनाना था। इस मंच पर पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने वैज्ञानिक चर्चाओं में सक्रिय योगदान देकर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाई।
पादप रोग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. डी. के. बन्याल के नेतृत्व में डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. शिखा शर्मा, डॉ. शबनम कटोच सहित 23 परास्नातक छात्र–छात्राओं ने संगोष्ठी में भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए और विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए। उनके प्रस्तुतिकरणों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवीनता और प्रासंगिकता के लिए सराहा गया।
विश्वविद्यालय के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय रहा कि विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. शिखा शर्मा को हिमालयन फाइटोपैथोलॉजिकल सोसायटी द्वारा प्रतिष्ठित यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। पादप रोग विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शोध योगदान और पादप स्वास्थ्य प्रबंधन के विकास में उनके महत्वपूर्ण प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली। यह सम्मान विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति और शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रतीक है।
उपलब्धियों की इस श्रृंखला में विभाग के पाँच परास्नातक विद्यार्थियों — डॉ. सोनाली परवाण, सुश्री साक्षी शर्मा, सुश्री अंचल ठाकुर, सुश्री प्रकृति तथा श्री आर. आदित्य — ने अपने उत्कृष्ट शोध प्रस्तुतिकरणों के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त किए। उनके शोध कार्यों में गहराई, नवीन विचार और सतत् कृषि से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया था, जिसे निर्णायकों ने अत्यधिक सराहा।
इन सभी उपलब्धियों ने हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत किया है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा तथा समस्त विश्वविद्यालय समुदाय ने सभी पुरस्कृत प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता निरंतर परिश्रम, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और समर्पित शैक्षणिक वातावरण का परिणाम है।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्राप्त ये सम्मान विश्वविद्यालय की सुदृढ़ शोध परंपरा, वैज्ञानिक नेतृत्व और पादप स्वास्थ्य विज्ञान में उत्कृष्टता का प्रतीक हैं। भविष्य में भी विश्वविद्यालय ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए कृषि और पादप विज्ञान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करता रहेगा।
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