Post by : Himachal Bureau
हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाले पावन चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ इस वर्ष 19 मार्च 2026 से होने जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाला यह शक्ति उपासना का महापर्व मां दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन से हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत) का आरंभ भी होता है, जो इस उत्सव की महत्ता को और अधिक बढ़ा देता है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में इस पर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और शहर के प्रमुख मंदिरों को फूलों व लाइटों से सजाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और मंदिर समितियों ने विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में किसी प्रकार की बाधा न आए।
गूंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के विद्वान पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार, इस वर्ष चैत्र नवरात्रि कई दुर्लभ और शुभ संयोगों के बीच शुरू हो रहे हैं। चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:54 बजे प्रारंभ होगी और अगले दिन 20 मार्च को सुबह 4:51 बजे तक रहेगी। इस बार नवरात्रि के दौरान राजयोग, सर्वार्थ सिद्धि योग और ब्रह्म योग जैसे अत्यंत फलदायी योग बन रहे हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, पहले दिन मीन राशि में सूर्य, चंद्रमा, शनि और शुक्र की उपस्थिति से चतुर्ग्रही योग का निर्माण हो रहा है। इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन डोली पर हो रहा है, जिसे आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 19 मार्च को घटस्थापना (कलश स्थापना) के लिए दो शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे: पहला मुहूर्त सुबह 6:54 से 7:58 बजे तक और दूसरा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक रहेगा।
शिमला के प्रसिद्ध मंदिरों जैसे तारादेवी, कालीबाड़ी, बीसीएस तारामाता मंदिर और ढींगू माता मंदिर में इस दौरान भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है। कालीबाड़ी और तारादेवी सहित शहर के अधिकांश मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे खोल दिए जाएंगे। कालीबाड़ी मंदिर में सुबह 7:00 बजे के बाद घटस्थापना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि तारादेवी मंदिर में सुबह 11:00 बजे के बाद कलश स्थापित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए शिमला के पुराना बस अड्डा से तारादेवी मंदिर के लिए एचआरटीसी (HRTC) द्वारा विशेष बसें चलाई जाएंगी।
चैत्र नवरात्रि 2026 की विस्तृत समय-सारणी
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व भक्ति और शक्ति के अनूठे संगम के साथ मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत 19 मार्च को मां शैलपुत्री की पूजा और विधि-विधान से घटस्थापना के साथ होगी। उत्सव के दूसरे दिन यानी 20 मार्च को मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाएगी, जिसके पश्चात 21 मार्च को मां चंद्रघंटा और 22 मार्च को मां कुष्मांडा की विशेष उपासना का विधान है। नवरात्रि के पांचवें दिन, 23 मार्च को मां स्कंदमाता का पूजन होगा और छठे दिन 24 मार्च को मां कात्यायनी की दिव्य आराधना की जाएगी। पर्व की पूर्णता की ओर बढ़ते हुए 25 मार्च को मां कालरात्रि की पूजा होगी, जबकि 26 मार्च का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि इस दिन मां महागौरी के पूजन के साथ-साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्मोत्सव यानी राम नवमी भी हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। अंत में, 27 मार्च को मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना और कन्या पूजन के साथ इस नौ दिवसीय महापर्व का श्रद्धापूर्वक समापन होगा।
शहर में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की चल रही किल्लत को देखते हुए मंदिर प्रबंधन समितियों ने भंडारे के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। तारादेवी मंदिर के प्रबंधक अनिल शांडिल ने बताया कि वहां लकड़ियों का पर्याप्त प्रबंध किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को प्रतिदिन लंगर परोसा जा सके। वहीं, बीसीएस तारा माता मंदिर में 5 डीजल भट्ठियों का इंतजाम किया गया है। कालीबाड़ी मंदिर के सचिव डॉ. कल्लोल प्रमानिक ने जानकारी दी कि वर्तमान में एलपीजी का स्टॉक कम होने के बावजूद व्यवस्था बनाने के प्रयास जारी हैं; यहां अंतिम तीन दिनों में विशाल भंडारा आयोजित होगा और प्रतिदिन हलवा प्रसाद वितरित किया जाएगा। प्रशासन और मंदिर समितियां इस पावन पर्व को श्रद्धापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट