हिमाचल सरकार का सख्त आदेश, कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड और सोशल मीडिया नियम लागू
हिमाचल सरकार का सख्त आदेश, कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड और सोशल मीडिया नियम लागू

Post by : Himachal Bureau

March 18, 2026 3:19 p.m. 1836

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में अनुशासन और गरिमा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। कार्मिक विभाग द्वारा साझा किए गए इन आदेशों के अनुसार, अब सभी सरकारी सेवकों को कार्यालय अवधि के दौरान साफ-सुथरे, शालीन और औपचारिक परिधान पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि एक कर्मचारी की वेशभूषा न केवल उसके व्यक्तिगत व्यक्तित्व को दर्शाती है, बल्कि कार्यस्थल की शुचिता और पेशेवर व्यवहार का भी प्रतीक होती है।

वेशभूषा संबंधी नियम: जींस और टी-शर्ट पर प्रतिबंध

सरकार ने स्पष्ट तौर पर जींस और टी-शर्ट जैसे अनौपचारिक कपड़ों को कार्यालय संस्कृति के विरुद्ध माना है। नए नियमों के तहत:पुरुष कर्मचारियों के लिए शर्ट और पैंट जैसे औपचारिक वस्त्र निर्धारित किए गए हैं।महिला कर्मचारियों को साड़ी, सलवार-सूट या अन्य मर्यादित औपचारिक परिधान पहनने की सलाह दी गई है।न्यायालय में पेशी या आधिकारिक बैठकों के दौरान कैजुअल, भड़कीले या पार्टी वियर कपड़ों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। 3 अगस्त 2017 के पुराने निर्देशों का हवाला देते हुए प्रशासन ने दोहराया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए सादे और सौम्य रंगों के कपड़ों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सोशल मीडिया और अभिव्यक्ति पर अनुशासन: नई गाइडलाइंस

ड्रेस कोड के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर भी 'लक्ष्मण रेखा' खींच दी है। केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के प्रावधानों के तहत जारी इन सख्त निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से सरकार की नीतियों, निर्णयों, राजनीतिक घटनाक्रमों या संवेदनशील धार्मिक विषयों पर किसी भी प्रकार की विवादास्पद टिप्पणी नहीं करेगा।

इसके अतिरिक्त, गोपनीयता के संरक्षण को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्देश दिया गया है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी सरकारी दस्तावेज, पत्राचार या आधिकारिक विभागीय जानकारी को सार्वजनिक करना एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। यदि कोई कर्मचारी किसी सार्वजनिक मंच या मीडिया में अपनी राय रखता भी है, तो उसे अनिवार्य रूप से यह स्पष्ट करना होगा कि व्यक्त किए गए विचार उसके व्यक्तिगत हैं और उनका सरकार के आधिकारिक रुख से कोई संबंध नहीं है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उल्लंघन पर होगी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई

राज्य सरकार ने इन आदेशों के प्रति बेहद सख्त रुख अपनाया है। सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों द्वारा इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाएं। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इन नियमों की अवहेलना करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में एक गंभीर और उत्तरदायी कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना है, ताकि जनता के बीच प्रशासन की छवि और अधिक विश्वसनीय बन सके।

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