घुमारवीं नगर परिषद में 20 साल बाद भाजपा की बड़ी जीत, कांग्रेस को झटका
घुमारवीं नगर परिषद में 20 साल बाद भाजपा की बड़ी जीत, कांग्रेस को झटका

Post by : Himachal Bureau

May 18, 2026 10:47 a.m. 133

घुमारवीं नगर परिषद चुनाव में इस बार बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। पिछले करीब बीस वर्षों से नगर परिषद में अपना दबदबा बनाए हुए कांग्रेस को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। वहीं भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर परिषद पर कब्जा जमा लिया है। इस जीत को भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।

यह चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा था क्योंकि घुमारवीं प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी का गृह क्षेत्र है। ऐसे में कांग्रेस को यहां मिली हार पार्टी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। चुनाव परिणाम सामने आते ही पूरे क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। नगर परिषद के कुल नौ वार्डों में से भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को केवल दो सीटों पर सफलता मिली। इसके अलावा दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।

भाजपा की इस जीत के पीछे पार्टी की मजबूत रणनीति और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को अहम माना जा रहा है। पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का विषय बनाते हुए बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय किया था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा की जमीनी तैयारी कांग्रेस पर भारी पड़ी। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया और इसे जनता का विश्वास बताया। दूसरी ओर कांग्रेस खेमे में मायूसी देखने को मिली।

भाजपा समर्थित उम्मीदवारों में वार्ड नंबर एक से शकुंतला देवी, वार्ड दो से सविता देवी, वार्ड चार से राजेश कुमार, वार्ड पांच से संदीप शर्मा और वार्ड सात से अमित कुमार ने जीत दर्ज की। वहीं कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों में वार्ड छह से रीता सहगल और वार्ड नौ से रामप्यारी विजयी रहीं। इसके अलावा वार्ड तीन से रामपाल और वार्ड आठ से निशा कुमारी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने में सफल रहे। इस चुनाव में कई ऐसे चेहरे भी मैदान में थे जो पहले विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें इस बार पार्षद चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। इससे क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि घुमारवीं नगर परिषद के नतीजे आने वाले समय की राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं। भाजपा की यह जीत केवल नगर परिषद तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे जिले की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। एसडीएम गौरव चौधरी ने सभी विजयी उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर दिया है। चुनाव परिणाम आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग इसे बड़े राजनीतिक बदलाव के तौर पर देख रहे हैं।

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