Post by : Khushi Joshi
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को सदन का माहौल अचानक बेहद गर्म हो गया। नेता प्रतिपक्ष और राजस्व मंत्री के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने महज कुछ ही मिनटों में पूरे सदन को सियासी अखाड़े में बदल दिया। पंचायत चुनावों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के बीच शब्दों की जंग शुरू हो गई, जिसने धीरे-धीरे राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया।
राजस्व मंत्री जब अपने पक्ष में बात रखने के लिए खड़े हुए, तो विपक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि मंत्री चर्चा के मूल विषय से भटककर व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोप लगा रहे हैं। इसी के विरोध में विपक्ष ने पहली बार नहीं, बल्कि दूसरी बार यह बड़ा फैसला लिया कि शीतकालीन सत्र की शेष बैठकों के दौरान जब भी राजस्व मंत्री सदन में बोलने का प्रयास करेंगे, वे उनका बहिष्कार करेंगे और उनकी बात नहीं सुनेंगे।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब विपक्षी सदस्य अपनी सीटों से उठकर वेल तक पहुंच गए और जोरदार नारेबाज़ी शुरू कर दी। सदन का कामकाज पूरी तरह बाधित हो गया और हालात को नियंत्रण में लाने के लिए विधानसभाध्यक्ष को कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। इस घटनाक्रम के चलते न सिर्फ सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई, बल्कि पूरे राजनीतिक माहौल में भी भारी तनाव देखने को मिला।
सदन के बाहर भी सियासी बयानबाजी तेज रही। विपक्ष का कहना था कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया गया और नियमों की अनदेखी की जा रही है। वहीं दूसरी ओर सत्तापक्ष का दावा है कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष खुद बहानों की आड़ लेकर संवाद से पीछे हट रहा है।
इस सियासी गतिरोध के बीच सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क दिखाई दे रही हैं। विधानसभा परिसर और धर्मशाला के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हर आने-जाने वाले वाहन व व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। प्रशासन किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह का बहिष्कार और विरोध आने वाले दिनों में विधानसभा की कार्यप्रणाली पर गहरा असर डाल सकता है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती, तो सत्र के दौरान अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा मुश्किल हो सकती है। हालांकि, सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया जारी रहेगी और विकास, जनहित और राज्य की भलाई से जुड़े विषयों पर चर्चा किसी भी सूरत में रोकी नहीं जाएगी।
इन सभी घटनाओं के बीच यह साफ हो गया है कि हिमाचल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है और शीतकालीन सत्र अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सियासी शक्ति-प्रदर्शन का मंच बन चुका है।
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट