शिमला सम्मेलन में सीएम का फोकस, शिक्षा गुणवत्ता और शिक्षक भर्ती पर जोर
शिमला सम्मेलन में सीएम का फोकस, शिक्षा गुणवत्ता और शिक्षक भर्ती पर जोर

Post by : Himachal Bureau

March 17, 2026 6:02 p.m. 114

शिमला में उच्च और स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रधानाचार्य सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश भर के स्कूलों और कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा समाज के विकास की सबसे अहम नींव है और इसे बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ठोस और सार्थक सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि स्कूली और उच्च शिक्षा दोनों क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है, ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा में किए गए बदलावों के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। जहां-जहां CBSE स्कूल खोले गए हैं, वहां छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अभिभावक अब बेहतर शिक्षा के लिए जागरूक हो रहे हैं और नई व्यवस्थाओं को अपनाने लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार की बात करते हुए कहा कि कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर और बेहतर बनाने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि छात्रों को कौशल आधारित शिक्षा देना भी जरूरी है, ताकि उन्हें भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार सभी विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति करेगी। साथ ही उच्च शिक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती भी की जाएगी, जिससे पढ़ाई का स्तर मजबूत होगा और छात्रों को पूरी तरह से मार्गदर्शन मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि किसी भी कक्षा में पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए और कोई भी कक्षा खाली नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना संस्थानों की जिम्मेदारी है, क्योंकि पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती है।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार के साथ-साथ शिक्षकों और समाज का सहयोग भी जरूरी है। यदि सभी मिलकर काम करें, तो शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाया जा सकता है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र में और भी नई योजनाएं लाई जाएंगी, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके। यह सम्मेलन शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

#शिमला #हिमाचल प्रदेश #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #सुखविंदर सिंह सुक्खू
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
भाजपा और कांग्रेस के बीच रोमांचक राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध की नजदीकी जीत अनुराग ठाकुर ने नितिन नवीन को राज्यसभा सदस्य बनने पर दी बधाई मुख्य न्यायाधीश ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मंडी में नए न्यायालय भवन की शुरुआत की जंगलरोपा में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का सम्मान समारोह आयोजित हिमाचल में सौर ऊर्जा से बढ़ी आय, नवीकरणीय स्रोतों से मिले 1,004 करोड़ घुमारवीं में चिट्टा नशे के खिलाफ लोगों को किया गया जागरूक, दिलाई शपथ भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद वैष्णो देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की सैंज वैली में पानी की गंभीर कमी, स्थानीय निवासियों ने उपायुक्त कुल्लू को सौंपा ज्ञापन