Post by : Khushi Joshi
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में चल रही मिड-डे मील यानी प्रधानमंत्री पोषण योजना के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। लंबे समय से सामग्री लागत के भुगतान को लेकर चल रही परेशानी के बीच केंद्र ने हिमाचल को 17 करोड़ 75 लाख 87 हजार रुपये का बजट जारी कर दिया है। इस राशि के जारी होने से प्रदेश के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था अब फिर से सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी और शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च करने की मजबूरी से भी राहत मिलेगी।
बीते कुछ महीनों से मिड-डे मील के लिए सामग्री लागत की राशि समय पर न मिलने के कारण कई स्कूलों में व्यवस्था उधारी के सहारे चल रही थी। कई जगहों पर शिक्षकों को अस्थायी तौर पर निजी स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ रही थी, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था। अब केंद्र सरकार से बजट जारी होने के बाद इस समस्या का समाधान हो गया है और लंबित भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
केंद्र सरकार द्वारा यह राशि 90:10 के अनुपात में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत जारी की जाती है, जिसमें केंद्र का 90 प्रतिशत और राज्य का 10 प्रतिशत योगदान होता है। राज्य सरकार ने भी इस बजट को स्कूलों तक समय पर पहुंचाने के लिए पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से बजट सीमा आबंटित कर दी है, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो।
निदेशालय स्कूल शिक्षा (प्रारंभिक) की ओर से सभी जिला उपनिदेशकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। तय मानकों के अनुसार प्री-प्राइमरी और प्राइमरी स्तर के विद्यार्थियों के लिए प्रति छात्र प्रतिदिन 6.78 रुपये की सामग्री लागत निर्धारित की गई है, जबकि अपर प्राइमरी स्तर के छात्रों के लिए यह दर 10.17 रुपये प्रति छात्र प्रतिदिन रखी गई है। इससे स्कूलों को भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
जिला स्तर पर भी इस बजट का आबंटन कर दिया गया है, जिससे सभी जिलों में मिड-डे मील की व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। शिमला, मंडी, चंबा, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जैसे बड़े जिलों को करोड़ों रुपये की राशि मिली है, वहीं जनजातीय और छोटे जिलों के लिए भी आवश्यकतानुसार बजट जारी किया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश के हर सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को समय पर पौष्टिक भोजन मिल सके।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बजट से न केवल लंबित भुगतान निपटेंगे, बल्कि आने वाले समय में मिड-डे मील व्यवस्था में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी। साथ ही शिक्षकों को अब अपनी जेब से खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे वे पूरी तरह शैक्षणिक कार्यों पर ध्यान दे सकेंगे।
प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री पोषण योजना राज्य के हजारों विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह योजना न केवल बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाती है, बल्कि स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाती है। बजट जारी होने से अब हिमाचल में मिड-डे मील व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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