कुल्लू स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में शिक्षक की तत्काल बर्खास्तगी
कुल्लू स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में शिक्षक की तत्काल बर्खास्तगी

Post by : Himachal Bureau

March 17, 2026 5:49 p.m. 114

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर नाबालिग छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल शिक्षा निदेशालय ने तुरंत कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सांघड़, जिला कुल्लू से जुड़ा हुआ है। यहां इतिहास के प्रवक्ता के पद पर तैनात शिक्षक विपिन कुमार के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। स्कूल शिक्षा निदेशक ने उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया है।

यह निर्णय उप माध्यमिक शिक्षा निदेशक, कुल्लू द्वारा 19 फरवरी 2026 को प्रस्तुत की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए तीन नाबालिग छात्राओं को स्कूल समय के दौरान अपने निजी आवास पर बुलाया। वहां उनसे घरेलू काम करवाने के आरोप भी लगे हैं, जो कि एक शिक्षक के पद की गरिमा के खिलाफ है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ की और उसे इस बारे में किसी को न बताने के लिए धमकाया। यह आरोप बेहद गंभीर माने जा रहे हैं, क्योंकि इसमें न केवल छात्राओं की सुरक्षा का उल्लंघन हुआ है, बल्कि उनके मानसिक और सामाजिक सम्मान को भी ठेस पहुंची है।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए सैंज पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इस केस में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो बच्चों के साथ यौन अपराधों के खिलाफ सख्त कानून है।

शिक्षा विभाग ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। निदेशक ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि आरोपी ने एक अनुसूचित जाति की छात्रा को विशेष रूप से निशाना बनाया था और उससे घरेलू काम करवाने की बात स्वीकार की थी। यह न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि सामाजिक भेदभाव का भी गंभीर मामला है।

शिक्षा निदेशक ने कहा कि विभाग यौन उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव के मामलों में “शून्य सहिष्णुता नीति” अपनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी का व्यवहार न केवल छात्रों के लिए खतरनाक है, बल्कि इससे पूरे शैक्षणिक वातावरण की छवि को भी नुकसान पहुंचता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने बिना किसी देरी के सख्त कदम उठाते हुए आरोपी शिक्षक की सेवाएं समाप्त कर दीं। साथ ही, आगे की कानूनी कार्रवाई भी जारी है और दोषी पाए जाने पर उसे कानून के तहत कड़ी सजा मिल सकती है।

इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में आक्रोश का माहौल है और अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि ऐसे मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

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