Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
जिला हमीरपुर में पेयजल की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जल शक्ति विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में लोगों को साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। इसके लिए पानी की नियमित जांच और सैंपलिंग करना जरूरी बताया गया है।
मंगलवार को जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों से विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली। उन्होंने खासतौर पर स्वाहल क्षेत्र में हाल ही में सामने आए पीलिया के मामलों पर चिंता जताई और इसके कारणों और वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि ऐसी बीमारियों को रोकने के लिए समय पर कार्रवाई करना बहुत जरूरी है।
उपायुक्त ने कहा कि केवल सरकारी जलस्रोत ही नहीं, बल्कि जिले के सभी प्राकृतिक जलस्रोत जैसे बावड़ी, कुएं, तालाब और अन्य स्रोतों की नियमित सफाई होनी चाहिए। इसके अलावा घरों और संस्थानों में लगी पानी की टंकियों की सफाई भी जरूरी है, ताकि लोगों को स्वच्छ पानी मिल सके और बीमारियों का खतरा कम हो।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निजी बोरवेल के पानी की भी जांच की जाए। कई लोग अपने घरों में बोरवेल का पानी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उसकी गुणवत्ता की जांच नहीं होती, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए इस दिशा में भी ध्यान देने की जरूरत है।
शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्कूलों में पानी की टंकियों की नियमित सफाई की जाए और इसका रिकॉर्ड लॉगबुक में दर्ज किया जाए। लॉगबुक में सफाई की तारीख और अन्य जरूरी जानकारी लिखी जानी चाहिए।
इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और ग्राम पंचायतों को दी गई फील्ड टेस्टिंग किट्स का इस्तेमाल करते हुए पानी की नियमित जांच करने के लिए कहा गया है। इससे समय रहते पानी की गुणवत्ता का पता लगाया जा सकेगा। उपायुक्त ने ग्राम पंचायतों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में जलस्रोतों की साफ-सफाई पर ध्यान दें और लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। इसके लिए खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
बैठक में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि 8 से 22 मार्च तक जल महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान जलस्रोतों की सफाई और लोगों को स्वच्छ पानी के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्हें निर्देश दिए गए कि वे पानी से फैलने वाली बीमारियों पर नजर रखें और लोगों को समय-समय पर जागरूक करें।
उपायुक्त ने कहा कि पेयजल की गुणवत्ता और स्वच्छता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग मिलकर काम करें, ताकि जिले के हर व्यक्ति को साफ और सुरक्षित पानी मिल सके। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने आसपास सफाई का ध्यान रखें और जागरूक रहें।
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट