मुंबई में सोभा सिंह की 125वीं जयंती वर्ष की पूर्वपीठिका, कला विरासत पर हुआ स्मृति समारोह
मुंबई में सोभा सिंह की 125वीं जयंती वर्ष की पूर्वपीठिका, कला विरासत पर हुआ स्मृति समारोह

Author : Rajesh Vyas

Sept. 22, 2026 1:40 p.m. 112

पालमपुर, 21 सितंबर। प्रख्यात चित्रकार सोभा सिंह की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में मुंबई के चेंबूर में विशेष स्मृति समारोह आयोजित किया गया। हिमाचल मित्र मंडल, मुंबई ने सोभा सिंह मेमोरियल आर्ट सोसाइटी के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया। नवंबर 2026 से नवंबर 2027 तक सोभा सिंह की 125वीं जयंती वर्ष के तहत वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जीवन और कला पर आधारित स्लाइड शो प्रस्तुत

समारोह की शुरुआत चित्रकार सोभा सिंह के जीवन और उनकी कला विरासत पर आधारित स्लाइड शो से हुई। इसके बाद सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट, आर्किटेक्चर एंड डिजाइन, डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी, मुंबई के कुलपति प्रो. हिम चटर्जी ने सोभा सिंह के जीवन और कला पर सचित्र व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रो. चटर्जी ने सोभा सिंह को धौलाधार का संत कलाकार बताते हुए उनके जीवन दर्शन और कला शैली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सोभा सिंह ने अपनी चित्रकला में हिमाचल प्रदेश के जनजीवन, संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश को विशेष स्थान दिया।

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हिमाचल की संस्कृति को चित्रों में किया जीवंत

प्रो. चटर्जी के अनुसार, सोभा सिंह की कलाकृतियों में हिमाचल की दुल्हनों, घुमंतू समुदायों, धार्मिक विषयों और प्राकृतिक दृश्यों का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिलता है। उन्होंने हिमाचल की प्रमुख विभूतियों के साथ-साथ आम लोगों के व्यक्तित्व को भी अपनी कला में स्थान दिया। उन्होंने कहा कि सोभा सिंह ने अपनी कला के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को देश और विदेश में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कला विद्यार्थियों से सोभा सिंह के जीवन, कला दर्शन और उनकी समृद्ध विरासत से प्रेरणा लेने की बात कही।

125वीं जयंती वर्ष का लोगो जारी

कार्यक्रम के दौरान प्रो. हिम चटर्जी ने सोभा सिंह की 125वीं जयंती वर्ष समारोहों का लोगो भी जारी किया। उन्होंने सोभा सिंह की उन चित्रकृतियों का उल्लेख किया, जिनमें धर्म, संस्कृति, इतिहास और प्रेम जैसे विषय प्रमुख रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोभा सिंह ने अपने चित्रों में विषयों की भावनात्मक और मानवीय गहराई को जिस तरह प्रस्तुत किया, उसी कारण उनकी कलाकृतियां आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। प्रो. चटर्जी ने यह भी बताया कि उनका विश्वविद्यालय भी सोभा सिंह की 125वीं जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा।

युवा पीढ़ी तक पहुंचाई जाएगी कला विरासत

हिमाचल मित्र मंडल, मुंबई के अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि सोभा सिंह ने अपनी कला के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को व्यापक पहचान दिलाई। उन्होंने मुंबई में आयोजित स्मृति समारोह को महान कलाकार के प्रति श्रद्धांजलि बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी को सोभा सिंह के जीवन और कला विरासत को समझने का अवसर मिलता है। सोभा सिंह के नाती और सोभा सिंह मेमोरियल आर्ट सोसाइटी के महासचिव डॉ. हृदयपाल सिंह ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए हिमाचल मित्र मंडल की पूरी टीम का आभार जताया। उन्होंने बताया कि 125वीं जयंती वर्ष के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

कई संस्थाएं समारोहों में करेंगी सहभागिता

डॉ. हृदयपाल सिंह के अनुसार, कुछ विश्वविद्यालयों और कला, संस्कृति एवं विरासत से जुड़ी संस्थाओं ने भी सोभा सिंह की 125वीं जयंती वर्ष के कार्यक्रमों में सहभागिता की इच्छा जताई है। इससे आने वाले वर्ष में कलाकार के जीवन और उनकी कला पर आधारित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होने की संभावना है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सिंह ने प्रो. हिम चटर्जी को हिमाचली टोपी, सोभा सिंह पर लिखी अपनी पुस्तक और कलाकार की एक चित्रकृति भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने हिमाचल मित्र मंडल भवन के लिए ‘गद्दन’ और ‘कांगड़ा दुल्हन’ शीर्षक वाली दो बड़ी फ्रेमयुक्त चित्रकृतियां भी भेंट कीं। इसके अलावा मंडल के अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को भी सोभा सिंह की फ्रेमयुक्त चित्रकृतियां भेंट की गईं।

अंद्रेटा से जुड़े परिवार के सदस्य भी सम्मानित

पुणे से समारोह में पहुंचे विनय कलोत्रा को भी सम्मानित किया गया। वे कलोत्रा परिवार के वंशज हैं, जिसका अंद्रेटा में सोभा सिंह की जीवन यात्रा से संबंध रहा है। समारोह में हिमाचल मित्र मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष सुदेश शर्मा, संयोजक एवं सह-कार्यकारी अध्यक्ष राजिंदर कपूर, उपाध्यक्ष राजिंदर शर्मा, सचिव सुनील खरवाल, टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई के प्रो. डॉ. राजीव कौशल सहित मंडल के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा कला संग्रहकर्ता विवेक अबरोल और हरिंदर गोल्डन, अंद्रेटा से सुशील जग्गी, सलियाणा से नरेश अवस्थी, सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट के कला विद्यार्थी तथा पालमपुर से कमलजीत कौर और रीना अवस्थी भी समारोह में शामिल हुईं।

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