Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पेयजल, सिंचाई और सीवरेज सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिले में जल शक्ति विभाग की कुल 136 योजनाओं पर लगभग 1,012 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें से करीब 600 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि लगभग 400 करोड़ रुपये के विकास कार्य अलग-अलग चरणों में जारी हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने के साथ किसानों को सिंचाई की सुविधा देना और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना है।
इन विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जल शक्ति विभाग की प्रदेश प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने 31 अक्तूबर से 2 नवंबर तक ऊना जिले का तीन दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हरोली, कुटलैहड़, अंब, गगरेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं का निरीक्षण किया। हरोली स्थित जल शक्ति विश्राम गृह में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इसमें मुख्य अभियंता रोहित दुबे और अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान सहित विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
विभागीय जानकारी के अनुसार, ऊना जिले में कुल 136 योजनाओं में 52 पेयजल, 61 सिंचाई, 11 सीवरेज, 10 बाढ़ सुरक्षा और दो भवन निर्माण से संबंधित हैं। प्रमुख अभियंता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
हरोली में 74.42 करोड़ रुपये की बीत सिंचाई योजना के दूसरे चरण का लगभग 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इससे करीब 4,889 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। वहीं, बल्क ड्रग पार्क से जुड़े 68.50 करोड़ रुपये के कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं। कुटलैहड़ के लठियाणी क्षेत्र में गोबिंद सागर जलाशय से पानी उठाकर आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए 14.93 करोड़ रुपये की योजना पर काम जारी है। इसका लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
अंब नगर के वार्ड नंबर दो में 8.40 करोड़ रुपये की लागत से चौबीस घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। चिंतपूर्णी में लगभग 14 करोड़ रुपये की पेयजल योजना पूरी होकर चालू की जा चुकी है। इसके अलावा माता का बाग पेयजल योजना पर 4.47 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बीत क्षेत्र में 25 लाख लीटर क्षमता वाला जल भंडारण टैंक भी बनाया जा रहा है।
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दौलतपुर चौक, टाहलीवाल, बंगाणा और अंब में स्वच्छता से जुड़े करीब 12 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। गगरेट में 13 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना और दौलतपुर नगर में 5.50 करोड़ रुपये की पेयजल योजना पर काम जारी है। प्रमुख अभियंता ने पुबोवाल और बीटन के तालाबों का निरीक्षण करते हुए वर्षा जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए भी प्रयास तेज करने के निर्देश दिए। कुल मिलाकर, ऊना जिले में चल रही ये परियोजनाएं आने वाले समय में पेयजल आपूर्ति, कृषि सिंचाई और स्वच्छता सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
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