सैंज घाटी की बेटियों ने UGC NET और PhD पास कर बनाया गौरवपूर्ण रिकॉर्ड
सैंज घाटी की बेटियों ने UGC NET और PhD पास कर बनाया गौरवपूर्ण रिकॉर्ड

Author : Prem Sagar

Feb. 6, 2026 6:15 p.m. 211

सैंज घाटी की ग्राम पंचायत वनोगी के गांव देहूरी से संबंधित लालसिंह एवं फालमा देवी के घर जन्मी दोनों बेटियों ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इनमें से संध्या कुमारी ने प्रतिष्ठित यूजीसी नेट (UGC NET – Political Science) परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि उनकी बहन वंदना कुमारी ने पीएचडी (PhD) परीक्षा में सफलता हासिल की। इस उपलब्धि के कारण उनके माता-पिता अपनी लाडली बेटियों पर अत्यंत गर्व महसूस कर रहे हैं।

संध्या और वंदना दोनों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, देहूरी से अपनी बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके पश्चात दोनों बहनों ने राजकीय महाविद्यालय, कुल्लू से कला स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद दोनों बहनों ने एंट्रेंस टेस्ट (Entrance Test) दिया, जिसमें संध्या कुमारी का चयन पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में हुआ और वंदना कुमारी सरकारी यूनिवर्सिटी, शिमला में चयनित हुईं। इसके साथ ही उन्होंने स्नातकोत्तर (Post Graduation) की पढ़ाई प्रारंभ की।

संध्या कुमारी ने इसी दौरान प्रतिष्ठित UGC NET परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार, शिक्षकों और संस्थान का गौरव बढ़ाया, जबकि वंदना कुमारी ने PhD परीक्षा उत्तीर्ण कर घाटी का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है, बल्कि यह दर्शाती है कि अनुशासन, निरंतर प्रयास और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

संध्या कुमारी ने कहा कि जो माता-पिता अपनी बेटियों पर भरोसा करते हैं और उनके लिए त्याग करते हैं, बेटियाँ उस विश्वास को मेहनत और सफलता से सार्थक बना सकती हैं। उन्होंने इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि माता-पिता का अटूट विश्वास और निरंतर सहयोग उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रहा है। साथ ही शिक्षकों के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

संध्या कुमारी ने अन्य छात्राओं से अपील की कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, खुद पर भरोसा रखें और शिक्षा को अपना सबसे मजबूत हथियार बनाएं। उनकी यह सफलता समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। यह स्पष्ट करती है कि यदि बेटियों को सही अवसर, समर्थन और विश्वास मिले, तो वे न केवल अपने परिवार की उम्मीदों पर खरी उतरती हैं, बल्कि पूरे समाज का भविष्य भी उज्ज्वल बना सकती हैं।

सैंज घाटी की इस उपलब्धि से यह संदेश मिलता है कि शिक्षा और मेहनत से कोई भी लड़का या लड़की अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकता है। संध्या और वंदना की सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा की महत्ता और बेटियों के अधिकारों की प्रेरणा भी देती है।

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