स्मार्ट मीटर के बजाय विद्युत विभाग की व्यवस्था सुधारना जरूरी: कांग्रेसी पूर्व विधायक प्रवीन कुमार
स्मार्ट मीटर के बजाय विद्युत विभाग की व्यवस्था सुधारना जरूरी: कांग्रेसी पूर्व विधायक प्रवीन कुमार

Author : Rajesh Vyas

Feb. 6, 2026 5:25 p.m. 140

पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने हाल ही में स्मार्ट मीटर लगाने की सरकार की योजना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रदेश की जनता स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में आवाज उठा रही है। लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, चिल्ला रहे हैं और सरकार के पास ज्ञापन भेज रहे हैं, लेकिन सुक्खू सरकार की कानों में कोई असर नहीं हो रहा है।

पूर्व विधायक ने कहा कि सुक्खू सरकार जनता को शक की निगाहों से देखकर बिजली चोरी के आरोप में ऐसे फरमान जारी कर रही है, जिससे आम नागरिक परेशान हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनता के बड़े दबाव के बावजूद यदि सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, तो जाहिर है कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कम्पनी के साथ सरकार की कोई बड़ी डील है। प्रवीन कुमार ने कहा कि इस मामले में सरकार पर “हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और” वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

पूर्व विधायक ने यह तर्क दिया कि आज के आधुनिक युग में भी कई स्थानों पर बिजली के खंभों की जगह बांस, टूटी-फूटी पाईप और पेड़ों के साथ बिजली की तारें लिपटी हुई दिखाई देती हैं। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर बिजली की आंख मचोली और मोमबत्ती जैसी लाइट के साथ तार बिछी होती है, जो तेज हवा या तूफान आने पर पूरी तरह काम नहीं करती। इससे कई क्षेत्रों में रात के समय अंधेरा छा जाता है और नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा कि विभाग की इस तरह की कथित कार्यप्रणाली के कारण विद्युत विभाग को भारी राजस्व घाटा सहन करना पड़ता है। स्मार्ट मीटर लगाने से केवल बिजली चोरी के आरोपों की जांच और नियंत्रण होता है, जबकि असली समस्या बिजली वितरण और तारों की सुरक्षा में है।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि स्मार्ट मीटर लगाने के बजाय, बिजली के अंडरग्राउंड तार बिछाने, पुराने और टूटी तारों को बदलने, ब्लॉक स्तर पर बिजली आपूर्ति सुधारने और बिजली विभाग के ढांचे को मजबूत करने की योजना बनानी चाहिए। प्रवीन कुमार का कहना है कि इससे न केवल जनता की स्थायी समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि विभाग को राजस्व घाटे से भी निजात मिलेगी।

प्रवीन कुमार ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए, स्मार्ट मीटर पर जोर देने से पहले विद्युत विभाग की मूलभूत व्यवस्था में सुधार लाना और बिजली आपूर्ति को स्थायी बनाना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह कदम जनता की परेशानियों को कम करने, बिजली चोरी के गलत आरोपों से बचाने और प्रदेश में विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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