भरमौर के गिरड़ गांव में सदियों पुराने गिरड़ माता मंदिर में भयंकर आग, ऐतिहासिक धरोहर नष्ट
भरमौर के गिरड़ गांव में सदियों पुराने गिरड़ माता मंदिर में भयंकर आग, ऐतिहासिक धरोहर नष्ट

Author : Ashok Kumar Chamba

Feb. 6, 2026 6:26 p.m. 106

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र भरमौर से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। उपमंडल भरमौर की अति दुर्गम पंचायत खुन्देल के गिरड़ गांव में स्थित सदियों पुराना गिरड़ माता मंदिर आज सुबह भयानक आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते पूरा मंदिर जलकर राख हो गया, जिससे पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता की लहर दौड़ गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मंदिर न केवल वास्तुकला की दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह स्थानीय समुदाय की कुलदेवी और आस्था का प्रमुख केंद्र भी था। मंदिर की काष्ठ कला (wooden architecture) अनूठी थी और इसे सदियों से संरक्षित रखा गया था। आग इतनी भीषण थी कि मौके पर मौजूद लोग भी इसे रोक नहीं पाए और मंदिर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस घटना ने न केवल धार्मिक भावनाओं को झकझोर दिया बल्कि ऐतिहासिक धरोहर के नष्ट होने का गंभीर नुकसान भी किया।

बलोठ पंचायत के पूर्व प्रधान रत्न चंद, पूर्व प्रधान देवराज और पवन शर्मा ने घटना की पुष्टि की। उनका कहना था कि यह मंदिर हमारे पूर्वजों के समय से यहां था और अत्यंत प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व का था। आज अचानक मंदिर में आग भड़क गई और लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही पूरा मंदिर जलकर राख हो गया।

इस दुखद घटना पर जिलाध्यक्ष सुरजीत भरमौरी ने इसे अपूरणीय क्षति बताया। भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से मंदिर के पुनर्निर्माण और प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की। राजनीतिक और सामाजिक संगठन भी इस घटना पर दुःख व्यक्त कर रहे हैं और प्रशासन से तत्काल जांच और आवश्यक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को तुरंत सूचना दी गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय समुदाय और पंचायत प्रतिनिधियों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इसके अलावा, मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए सरकार से आर्थिक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया गया है, ताकि यह धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर फिर से समुदाय के लिए उपलब्ध हो सके।

गिरड़ गांव और आसपास के इलाके के लोग अपनी आराध्य देवी के मंदिर के नष्ट होने से स्तब्ध हैं। आग लगने की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीण और श्रद्धालु इस घटना से गहरे सदमे में हैं। उनका कहना है कि मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था बल्कि यह उनके इतिहास और संस्कृति का भी प्रतीक था।

हालांकि यह घटना गहरा दुख देती है, लेकिन स्थानीय लोग, प्रशासन और विधायक के सहयोग से आशा कर रहे हैं कि जल्द ही मंदिर का पुनर्निर्माण और सुरक्षा उपायों के साथ संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, आग लगने के कारणों की जांच से भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। गिरड़ माता मंदिर की इस प्राचीन धरोहर को फिर से समुदाय के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

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