वनोगी पंचायत के लोगों ने सड़क सुधार के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाने की मांग की
वनोगी पंचायत के लोगों ने सड़क सुधार के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाने की मांग की

Author : Prem Sagar

Feb. 6, 2026 6:02 p.m. 2744

सैंज देहूरी संपर्क मार्ग पर चीचूरोपा के पास निर्माणाधीन दीवार के कार्य के चलते सड़क पूरी तरह से बंद हो गई है। इस वजह से स्थानीय लोगों को दैनिक आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वनोगी पंचायत की जनता ने विभाग से कड़ा आग्रह किया है कि सड़क बहाली के लिए वैकल्पिक व्यवस्था (alternative arrangement) तुरंत की जाए, ताकि लोगों की परेशानियों का निराकरण हो सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमानुसार निर्माण कार्य से पहले वैकल्पिक मार्ग के विकल्प पर विचार करना आवश्यक था। उन्होंने आरोप लगाया कि मशीन द्वारा की गई कटिंग के गलत तरीके के कारण जनता को यह असुविधा भुगतनी पड़ रही है। खासकर इस स्थान पर बीमार और गर्भवती महिलाओं को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों द्वारा उचित मार्ग नहीं प्रदान किए जाने के कारण एंबुलेंस की आवाजाही भी अब इस मार्ग पर बंद हो गई है। इसके चलते छोटे वाहन संचालकों को सैंज से धाउगी भूशल होकर यात्रा करने में अतिरिक्त 15 से 20 किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है।

सिर्फ सैंज-देहूरी मार्ग ही नहीं, बल्कि रोपा-कथैउगी से देहूरी को जोड़ने वाली सड़क की स्थिति भी बेहद खराब है। इस मार्ग पर केवल 4*4 वाहन ही चल पा रहे हैं और साधारण टैक्सी भी नहीं चल पा रही हैं। किराए की दर भी प्रति सवारी 200 रुपए तक पहुंच गई है।

वनोगी पंचायत के ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर सैंज-देहूरी संपर्क मार्ग को छोटे वाहनों के लिए बहाल (road restoration) नहीं किया गया, तो वे सड़क पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें इंतजार नहीं किया जा सकता और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान आवश्यक है।

इस मामले पर सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग राजेश कुमार ने बताया कि बरसात के दौरान भू-संखलन से जमा हुआ कच्चा मलवा मशीन लगाने के कारण धंस गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि सड़क को दस से पंद्रह दिनों के भीतर बहाल किया जाएगा।

वनोगी पंचायत के लोग सड़क बंद होने के कारण रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली कठिनाइयों के चलते परेशान हैं। सड़क बहाली और वैकल्पिक मार्ग की मांग स्थानीय जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभाग की ओर से यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण कार्य के दौरान जनता को होने वाली असुविधाओं का कम से कम प्रभाव पड़े। वहीं ग्रामीणों की चेतावनी यह दर्शाती है कि यदि विभाग ने समय पर कार्रवाई नहीं की, तो जन आंदोलन भी खड़ा हो सकता है।

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