राजकीय महाविद्यालय चम्बा में एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन
राजकीय महाविद्यालय चम्बा में एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन

Author : Ashok Kumar Chamba

Jan. 8, 2026 10:35 a.m. 356

चम्बा: राजकीय महाविद्यालय चम्बा में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तहत आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर 2025-26 का समापन समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। सातवें एवं अंतिम दिन विभिन्न रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर अविनाश ने जानकारी देते हुए बताया कि सातवें दिन की शुरुआत स्वयंसेवी मनीषा द्वारा प्रस्तुत दिन के सुविचार से हुई। इसके उपरांत स्वयंसेवी निखिल गौतम ने छठे दिन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। स्वयंसेवी नीरज ने अपनी स्वरचित कविता “पहलगांव” प्रस्तुत की, जबकि स्वयंसेवी शिवानी ने समाज में युवा नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं के योगदान पर व्याख्यान दिया।

इसके बाद स्वयंसेवियों द्वारा एनएसएस गीत “उठें समाज के लिए उठें” गाकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। समापन समारोह में राजकीय महाविद्यालय चम्बा के प्राचार्य प्रोफेसर राकेश राठौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय तीसा के प्राचार्य प्रोफेसर परविंदर कुमार सहित अनेक शिक्षाविद, अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ एनएसएस लक्ष्य गीत के साथ किया गया, जिसके उपरांत मां शारदा की प्रतिमा के समक्ष पुष्पार्पण कर औपचारिक उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर संतोष देवी ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान कविता, वक्तव्य, पंजाबी एवं हिमाचली लोक नृत्य तथा लोक गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।

स्वयंसेवी हिमानी ने सात दिनों की गतिविधियों का ब्यौरा कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया, जबकि प्रोफेसर अविनाश ने शिविर प्रतिवेदन के माध्यम से पूरे शिविर का लेखा-जोखा रखा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में चमब्याली लोक गीत, गद्दयाली नाटी और भावनात्मक कविताओं ने समारोह को यादगार बना दिया।

मुख्य अतिथि प्रोफेसर राकेश राठौर ने अपने संबोधन में सात दिवसीय विशेष शिविर के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने स्वयंसेवियों की सृजनात्मक गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य समाज सेवा के माध्यम से चरित्र निर्माण करना है। उन्होंने साक्षरता, स्वच्छता, अनुशासन, संयम एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को आत्मसात करने का आह्वान किया।

समारोह के अंत में उत्कृष्ट स्वयंसेवियों, समूह कप्तानों, उप-कप्तानों एवं अतिथि स्वयंसेवियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर संतोष देवी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्वयंसेवी उपस्थित रहे।

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