26 जून को एंटी चिट्टा डे, युवाओं को नशे से बचाने के लिए शुरू होगा विशेष अभियान
26 जून को एंटी चिट्टा डे, युवाओं को नशे से बचाने के लिए शुरू होगा विशेष अभियान

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

June 25, 2026 6:26 p.m. 123

हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते खतरे को रोकने और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाने के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर 26 जून को पूरे प्रदेश में पहली बार ‘एंटी चिट्टा डे’ मनाया जाएगा। इस दिन विभिन्न जिलों में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना और समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

राज्य सरकार का मानना है कि चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों का बढ़ता प्रभाव युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है ताकि समाज का हर वर्ग इसमें अपनी भागीदारी निभा सके।

ऊना में होगा विशेष शपथ कार्यक्रम

एंटी चिट्टा डे के अवसर पर ऊना जिले में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला मुख्यालय स्थित मिनी सचिवालय परिसर में सुबह 11 बजे एक शपथ कार्यक्रम रखा गया है। इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागी नशे के खिलाफ शपथ लेंगे और समाज से चिट्टे सहित अन्य मादक पदार्थों के उन्मूलन के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।

युवाओं को जागरूक बनाने पर विशेष जोर

प्रदेश सरकार का फोकस विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने पर है। अधिकारियों का कहना है कि आज का युवा देश और प्रदेश का भविष्य है, इसलिए उन्हें सही दिशा देना आवश्यक है। नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और पारिवारिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। एंटी चिट्टा डे के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया जाएगा कि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों की ओर ध्यान दें। इसके लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, संवाद और सामाजिक अभियान भी आयोजित किए जाएंगे।

जीरो टॉलरेंस नीति पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल नशा तस्करी पर कार्रवाई करना ही नहीं बल्कि समाज में ऐसी जागरूकता पैदा करना भी है जिससे लोग स्वयं नशे के खिलाफ खड़े हों।

सरकार का मानना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जब तक समाज का हर वर्ग इस अभियान से नहीं जुड़ता, तब तक नशे जैसी समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। एंटी चिट्टा डे का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ जनसहभागिता को मजबूत करना है। सरकार चाहती है कि पंचायतें, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन, युवा मंडल और आम नागरिक इस अभियान का हिस्सा बनें। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही नशे के खिलाफ मजबूत माहौल तैयार किया जा सकता है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सामाजिक सहयोग से नशे की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। ऐसे में एंटी चिट्टा डे जैसे अभियान लोगों को एक मंच पर लाने का कार्य करेंगे। 26 जून को आयोजित होने वाले कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं होंगे, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का माध्यम बनेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को यह समझाया जाएगा कि नशे से दूर रहकर ही स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सकता है।

प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि एंटी चिट्टा डे के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता का दायरा और अधिक बढ़ेगा तथा नशा मुक्त हिमाचल के संकल्प को नई मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में भी ऐसे अभियानों के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किया जाता रहेगा ताकि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।

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