Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मामलों को प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने राज्य के अधिकारों से जुड़े विषयों पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों का समाधान संवैधानिक व्यवस्था, आपसी सहयोग और सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप किया जाना चाहिए ताकि प्रदेश के लोगों को उनका वैधानिक अधिकार मिल सके।
चंडीगढ़ में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी क्यों मांग रहा है हिमाचल?
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बार फिर चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अनुसार हिमाचल प्रदेश भी अविभाजित पंजाब का उत्तराधिकारी राज्य है। ऐसे में राज्य को जनसंख्या के अनुपात के आधार पर चंडीगढ़ में अपना वैधानिक हिस्सा मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ का विकास संयुक्त संसाधनों से हुआ, लेकिन पिछले पांच दशकों से पंजाब और हरियाणा इस व्यवस्था का लाभ ले रहे हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश अब तक अपने अधिकार से वंचित है। उन्होंने राज्यपाल से इस मामले में सकारात्मक पहल करने का अनुरोध किया।
चंडीगढ़ में नया हिमाचल सदन क्यों जरूरी बताया गया?
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के सामने चंडीगढ़ में नए हिमाचल सदन के निर्माण की जरूरत भी रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान हिमाचल भवन अब प्रदेश के लोगों की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पा रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी, मरीज और अन्य नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी कार्यों के लिए चंडीगढ़ पहुंचते हैं। विशेष रूप से पीजीआई आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधा देने के लिए नए भवन का निर्माण जरूरी माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि सेक्टर-52 में इसके लिए भूमि भी चिन्हित की जा चुकी है।
Read Also: बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने प्राथमिकता बैठक में विकास मुद्दे उठाए
बीबीएमबी से हिमाचल का कौन-सा मामला अभी लंबित है?
मुख्यमंत्री ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से जुड़े लंबित वित्तीय और बिजली हिस्सेदारी के मामलों को भी राज्यपाल के सामने रखा। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही हिमाचल प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से को मान्यता दे चुका है। इसके बावजूद राज्य को कई वर्षों से अपनी हिस्सेदारी के अनुसार बिजली और वित्तीय लाभ नहीं मिले हैं। उन्होंने इस लंबित मामले का जल्द समाधान निकालने की मांग की।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शानन जलविद्युत परियोजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह परियोजना मंडी जिले में स्थित है, जो कभी भी संयुक्त पंजाब का हिस्सा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि परियोजना की 99 वर्ष की लीज 2 मार्च 2024 को समाप्त हो चुकी है। ऐसे में समाप्त हो चुकी लीज के आधार पर परियोजना पर किसी भी प्रकार का दावा कानूनी रूप से उचित नहीं माना जा सकता।
इन मुद्दों का हिमाचल के लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
मुख्यमंत्री का कहना है कि यदि चंडीगढ़ में हिस्सेदारी, नए हिमाचल सदन, बीबीएमबी के लंबित देयों और शानन परियोजना जैसे मामलों का समाधान होता है तो इसका सीधा लाभ प्रदेश के लोगों को मिलेगा। इससे प्रशासनिक सुविधाएं मजबूत होंगी, मरीजों और विद्यार्थियों को बेहतर व्यवस्था मिलेगी तथा राज्य के आर्थिक हित भी सुरक्षित होंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि रचनात्मक संवाद और आपसी सहयोग के माध्यम से इन सभी मामलों का सकारात्मक समाधान निकलेगा।
सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दम...
सिरमौर के कोटड़ी व्यास स्कूल के 8 खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। हैंडबॉल
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का न...
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को National Inspiration Award 2026 से सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर...
सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम बनाए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्मान
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर