हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बढ़ी सुरक्षा, निहंग सिखों को लेकर प्रशासन अलर्ट
हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बढ़ी सुरक्षा, निहंग सिखों को लेकर प्रशासन अलर्ट

Post by : Himachal Bureau

June 26, 2026 3:03 p.m. 159

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित कुल्हाल बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को अचानक कड़ा कर दिया गया है। पंजाब से बड़ी संख्या में निहंग सिखों के उत्तराखंड की ओर जाने की सूचना मिलने के बाद उत्तराखंड पुलिस, जिला प्रशासन और पैरा मिलिटरी बलों को सीमा पर तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था इतनी बढ़ा दी गई कि पूरा कुल्हाल बॉर्डर पुलिस छावनी जैसा दिखाई देने लगा। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से ही सभी जरूरी इंतजाम कर लिए।

सुरक्षा बढ़ाने की वजह क्या है?

सूत्रों के अनुसार प्रशासन को जानकारी मिली थी कि पंजाब से निहंग सिखों का एक बड़ा जत्था उत्तराखंड की ओर रवाना हो चुका है। यह सूचना मिलते ही उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी कुल्हाल बॉर्डर पहुंच गए। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल और पैरा मिलिटरी जवानों की तैनाती कर दी गई ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके।

निहंग प्रतिनिधियों से हुई बातचीत

दोपहर बाद उत्तराखंड प्रशासन का एक प्रतिनिधिमंडल पांवटा साहिब पहुंचा। यहां अधिकारियों ने निहंग सिखों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया। बातचीत के दौरान प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की। हालांकि निहंग प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्णप्रयाग में हुई झड़प के बाद गिरफ्तार किए गए अपने साथियों की रिहाई और संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक उनकी मांगें जारी रहेंगी।

निहंग सिखों ने क्या मांग रखी?

बातचीत के दौरान निहंग प्रतिनिधियों ने अपनी मुख्य मांगों को दोहराया। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार किए गए सभी साथियों को रिहा किया जाए और जिन पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है, उनके खिलाफ उचित कदम उठाए जाएं। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर फैसला नहीं होता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

प्रशासन क्यों हुआ सतर्क?

सूत्रों के मुताबिक बातचीत के दौरान निहंग प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि यदि उन्हें उत्तराखंड में प्रवेश करने से रोका गया तो वे अन्य धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी रोकने पर विचार कर सकते हैं। इस बयान के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया। अधिकारियों ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह से दूर रहने की अपील की।

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देर शाम तक जारी रही वार्ता

देर शाम तक देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी और पांवटा साहिब के सिख समुदाय के प्रमुख लोग निहंग प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत करते रहे। सभी ने शांति बनाए रखने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी अंतिम सहमति की जानकारी सामने नहीं आई थी।

फिलहाल कुल्हाल बॉर्डर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है। साथ ही सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील भी की गई है।

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