आवारा कुत्तों का आतंक: ऊना में 10 वर्षीय बच्ची पर हमला, शहर में बढ़ी चिंता
आवारा कुत्तों का आतंक: ऊना में 10 वर्षीय बच्ची पर हमला, शहर में बढ़ी चिंता

Post by : Himachal Bureau

June 12, 2026 4:56 p.m. 121

हिमाचल प्रदेश के ऊना शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या एक बार फिर गंभीर चिंता का कारण बन गई है। शहर के चौरासी पौड़ियां बाजार क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने एक 10 वर्षीय बच्ची पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि शहर में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

अचानक हुए हमले से मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, घायल बच्ची अपने दैनिक कार्य से बाजार क्षेत्र से होकर गुजर रही थी। जब वह चौरासी पौड़ियां के समीप एक मोड़ पर पहुंची तो वहां मौजूद कुत्तों के एक झुंड ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्ची कुछ समझ पाती उससे पहले ही कई कुत्ते उसके ऊपर टूट पड़े। हमले के दौरान बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे।

स्थानीय लोगों ने तुरंत साहस दिखाते हुए बच्ची को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद कुत्तों को वहां से भगाया गया और बच्ची को सुरक्षित निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि लोग समय पर वहां नहीं पहुंचते तो घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी।

अस्पताल में चल रहा उपचार

हमले में घायल बच्ची को तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची के शरीर पर कई स्थानों पर चोटें आई हैं। हालांकि उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद वह मानसिक रूप से काफी डरी हुई है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि बच्ची अब भी उस घटना को याद कर सहम जाती है। चिकित्सक उसके शारीरिक उपचार के साथ-साथ मानसिक स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं ताकि वह जल्द सामान्य जीवन में लौट सके।

शहर में बढ़ रही आवारा कुत्तों की समस्या

स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऊना शहर के विभिन्न वार्डों, बाजारों और गलियों में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। कई बार ये राहगीरों, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। लोगों ने बताया कि पहले भी कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

नागरिकों का मानना है कि स्कूलों के आसपास और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विशेष कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

नगर निगम ने शुरू किया अभियान

घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम ऊना की टीम सक्रिय हो गई। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया। अभियान के तहत कई कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा। साथ ही लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।

लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग

इस घटना के बाद शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल अस्थायी कार्रवाई के बजाय दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए। लोगों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर प्रभावी कदम उठाएंगे ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े। ऊना में हुई यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकलेगा। फिलहाल घायल बच्ची का उपचार जारी है और पूरा शहर उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें #ऊना
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
शाई होप के दम पर वेस्टइंडीज ने जीता पहला टी20, श्रीलंका को 7 विकेट से हराया अध्ययन अवकाश पर कर्मचारियों को मिलेगा पूरा वेतन, क्या सरकार का यह फैसला बदल देगा भविष्य? महिला टी20 विश्व कप 2026 शुरू आज, क्या इस बार भारत रचेगा इतिहास और जीतेगा पहला खिताब? धौलाधार की वादियों में पहुंचे यशस्वी और नीतीश, लिया प्रकृति का आनंद हमीरपुर में सौंदर्य प्रतियोगिता के फाइनल में नेताओं ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए बच्चों से संवाद करेंगी उपायुक्त शिमला में राज्यपाल से मिले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष और सदस्य 18 राज्यों के कलाकारों ने शिमला में बिखेरे संस्कृति के रंग, राज्यपाल हुए प्रभावित