मुख्य सरकारी दफ्तर के बाहर आवारा कुत्तों की मौजूदगी से उठे कई सवाल
मुख्य सरकारी दफ्तर के बाहर आवारा कुत्तों की मौजूदगी से उठे कई सवाल

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 28, 2026 12:57 p.m. 339

हमीरपुर स्थित जिला उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने आवारा कुत्तों का झुंड आराम फरमाता हुआ देखा गया। यह दृश्य दिन के समय का बताया जा रहा है, जब आम लोग विभिन्न कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचते हैं। मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने कुत्तों का इस तरह बैठना और लेटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

हैरानी की बात यह रही कि इतने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय के बाहर कुत्तों के झुंड के मौजूद होने के बावजूद किसी ने भी उन्हें वहां से हटाने की पहल नहीं की। न तो मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने कोई प्रयास किया और न ही संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई होती दिखाई दी। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

डीसी कार्यालय जिला प्रशासन का प्रमुख केंद्र होता है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में नागरिक अपने विभिन्न कार्यों, शिकायतों और जरूरी दस्तावेजों के सिलसिले में पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य द्वार पर आवारा कुत्तों का डेरा होना न केवल असुविधाजनक है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंताजनक माना जा रहा है। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह स्थिति असहज हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई स्थानों पर ये कुत्ते झुंड बनाकर घूमते देखे जाते हैं, जिससे आमजन में डर का माहौल रहता है। हालांकि नगर परिषद और संबंधित विभाग समय-समय पर कार्रवाई का दावा करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में विशेष सुधार नजर नहीं आता।

यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी की तरह देखी जा रही है। सवाल उठ रहा है कि यदि जिला प्रशासन के सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय के मुख्य द्वार पर ही ऐसी स्थिति है, तो अन्य सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्था कैसी होगी। क्या शहर में आवारा कुत्तों की समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि उन्हें प्रमुख सरकारी भवनों के प्रवेश द्वार से भी दूर नहीं रखा जा सकता?

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर परिषद और पशु नियंत्रण से जुड़े विभाग इस दिशा में ठोस और स्थायी कदम उठाएं। नियमित निगरानी, नसबंदी अभियान और सुरक्षित स्थानों पर कुत्तों के पुनर्वास जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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