Author : Sourabh Jain
सोलन जिले के पहाड़ी क्षेत्र रामशहर में सोमवार को हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। रामशहर बस स्टैंड पर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों का स्वागत करते हुए उनकी धार्मिक यात्रा के लिए सम्मान जताया। गांव सौर, चौरी पंचायत से करीब 16 कांवड़िए 30 जुलाई को हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। इन श्रद्धालुओं ने हरिद्वार से गंगाजल लेकर लंबी दूरी पैदल तय की और अब अपने-अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। Kanwar Yatra के तहत श्रद्धालुओं ने करीब 300 से 350 किलोमीटर तक पैदल यात्रा पूरी की।
कांवड़ यात्रा से लौटे रामस्वरूप, विजेन्द्र सिंह और अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि वे अपने साथ करीब 2 से 4 लीटर पवित्र गंगाजल लेकर आए हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार यात्रा के दौरान उन्हें कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन भगवान शिव के प्रति आस्था और विश्वास के चलते उन्होंने अपनी यात्रा पूरी की। कांवड़ियों ने बताया कि वे 11 अगस्त को अपने-अपने शिवालयों में विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। उनका उद्देश्य धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ गांव में सुख-समृद्धि और आपसी भाईचारे की कामना करना है।
कांवड़ियों ने कहा कि Haridwar Kanwar Yatra केवल धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे का संदेश भी देती है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से वे अपने गांव और क्षेत्र में शांति, सुख-समृद्धि और सद्भावना की कामना करते हैं। श्रद्धालुओं ने यात्रा के दौरान मिले सहयोग और व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की व्यवस्थाओं की विशेष रूप से सराहना की और कहा कि कांवड़ियों की सुविधा के लिए वहां कई स्थानों पर बेहतर इंतजाम देखने को मिले।
कांवड़ियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई व्यवस्थाएं की गई थीं। उन्होंने कहा कि रास्ते में कांवड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में यात्रा मार्गों की स्थिति को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की। श्रद्धालुओं का कहना था कि कुछ स्थानों पर सड़कों की हालत खराब और परेशान करने वाली रही, जिससे पैदल यात्रा करने वालों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
रामशहर पहुंचने वाले कांवड़ियों के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी विशेष व्यवस्था की। स्वर्गद्वारी, चिंतामणि बाजार और रामशहर शिवालय परिसर में कांवड़ियों के लिए भोजन तथा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। कई श्रद्धालुओं ने रात के समय विश्राम भी किया। समाचार लिखे जाने तक करीब 20 कांवड़िए रामशहर बस स्टैंड से होकर हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर गुजर चुके थे।
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कांवड़िए अब अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। Gangajal को शिवालयों में पहुंचाने के बाद 11 अगस्त को विधिवत पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। Sawan Kanwar Yatra के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा है। लंबी दूरी पैदल तय करने के बावजूद कांवड़ियों के चेहरे पर उत्साह नजर आया। स्थानीय लोगों ने भी उनका स्वागत कर धार्मिक यात्रा के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया। रामशहर से गुजर रहे Kanwariya अब अपने-अपने शिवालयों में पहुंचकर गंगाजल अर्पित करेंगे और क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि तथा आपसी भाईचारे की कामना करेंगे।
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