बिलासपुर में सेवानिवृत्त तहसीलदारों और कानूनगो की होगी भर्ती
बिलासपुर में सेवानिवृत्त तहसीलदारों और कानूनगो की होगी भर्ती

Post by : Himachal Bureau

Oct. 24, 2026 4:54 p.m. 122

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों को जल्द निपटाने के लिए जिला प्रशासन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवाएं लेने का फैसला किया है। इस प्रक्रिया के तहत सेवानिवृत्त तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और कानूनगो को दोबारा काम करने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए उपायुक्त कार्यालय की ओर से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य राजस्व से जुड़े पुराने मामलों के निपटारे में तेजी लाना और विभागीय कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना है। इच्छुक और पात्र अधिकारी 20 नवंबर 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। चयनित अधिकारियों को उनके पद के अनुसार मासिक मानदेय दिया जाएगा। यह भर्ती नियमित सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि निर्धारित अवधि के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया है। इसलिए आवेदन करने से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज और अन्य शर्तों को ध्यान से समझना आवश्यक है।

किस पद पर कितना मिलेगा मासिक मानदेय?

बिलासपुर जिला प्रशासन ने अलग-अलग पदों के लिए मानदेय निर्धारित किया है। आवेदन करने वाले अधिकारियों को उनके पद के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

  • तहसीलदार: 70,000 रुपये प्रतिमाह

  • नायब तहसीलदार: 60,000 रुपये प्रतिमाह

  • कानूनगो: 50,000 रुपये प्रतिमाह

इस व्यवस्था के तहत तहसीलदार के पद पर चयनित अधिकारी को सबसे अधिक मासिक मानदेय मिलेगा। हालांकि, भुगतान केवल निर्धारित शर्तों और कार्य से जुड़े मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, मानदेय जारी करने में अधिकारी के कार्य प्रदर्शन और कार्य आचरण प्रमाणपत्र को भी ध्यान में रखा जाएगा। इसलिए चयनित अधिकारियों को निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन करना होगा।

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आवेदन के लिए कौन-कौन पात्र होंगे?

इस प्रक्रिया में आवेदन करने के लिए संबंधित अधिकारी के पास हिमाचल प्रदेश के राजस्व विभाग के किसी भी विंग में कम से कम पांच वर्ष की सेवा का अनुभव होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, आवेदक के खिलाफ कोई विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं होनी चाहिए। आयु सीमा के संबंध में भी स्पष्ट शर्त रखी गई है। जो अधिकारी 31 अक्टूबर 2026 तक 65 वर्ष से अधिक आयु पूरी कर चुके होंगे, वे इस प्रक्रिया के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। इसलिए आवेदन करने से पहले इच्छुक अधिकारियों को अपनी सेवा अवधि, आयु और विभागीय रिकॉर्ड की जांच कर लेनी चाहिए। पात्रता से संबंधित किसी भी शर्त को पूरा नहीं करने पर आवेदन पर विचार नहीं किया जा सकता।

केवल तीन महीने के लिए होगी पुनर्नियुक्ति

जिला प्रशासन की ओर से चयनित अधिकारियों की सेवाएं शुरुआत में तीन महीने के लिए ली जाएंगी। यह नियुक्ति अस्थायी आधार पर होगी और इसे नियमित सरकारी नियुक्ति नहीं माना जाना चाहिए। तीन महीने की अवधि पूरी होने के बाद सेवा बढ़ाने का निर्णय अधिकारी के कार्य प्रदर्शन और विभाग की जरूरत के आधार पर लिया जा सकता है। यदि लंबित राजस्व मामलों का काम पूरा हो जाता है या विभाग को संबंधित अधिकारी की सेवाओं की जरूरत नहीं रहती, तो उनकी सेवाएं समाप्त भी की जा सकती हैं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों के निपटारे में सहायता लेना है। इसलिए नियुक्ति की अवधि और आगे सेवा जारी रखने का निर्णय प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार होगा।

आवेदन के साथ कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं?

इच्छुक अधिकारियों को अपना आवेदन निर्धारित प्रपत्र में उपायुक्त कार्यालय में जमा करवाना होगा। आवेदन के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज लगाना अनिवार्य है। इसके अलावा, किसी सरकारी अस्पताल से जारी शारीरिक फिटनेस प्रमाणपत्र भी आवेदन के साथ जमा करना होगा। आवेदन अधूरा होने या आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं होने की स्थिति में उस पर विचार किए जाने की गारंटी नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तारीख के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए पात्र अधिकारियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन और दस्तावेज तैयार कर लें।

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