हमीरपुर में ऑडिट पैरा निपटाने के निर्देश, 31 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी: संजय रत्न
हमीरपुर में ऑडिट पैरा निपटाने के निर्देश, 31 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी: संजय रत्न

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Oct. 23, 2026 5:49 p.m. 107

हमीरपुर, 23 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश विधानसभा की स्थानीय निधि लेखा समिति ने जिला हमीरपुर में विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों, संस्थानों और शहरी निकायों के वित्तीय मामलों की समीक्षा की। शुक्रवार को हमीर भवन में आयोजित बैठक में समिति के सभापति एवं विधायक संजय रत्न ने अधिकारियों को सभी लंबित ऑडिट पैरा के समायोजन के लिए आवश्यक कदम उठाने और 31 दिसंबर तक विस्तृत रिपोर्ट समिति को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी समयबद्ध तरीके से कार्य करें।

31 मार्च तक ऑडिट पैरा के निपटारे का लक्ष्य

बैठक के दौरान संजय रत्न ने अधिकारियों से लंबित ऑडिट पैरा के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित मामलों की विस्तृत रिपोर्ट 31 दिसंबर तक समिति को भेजी जाए, ताकि आगामी 31 मार्च तक इनके समायोजन को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने वर्ष 2000 से पहले के छोटे-छोटे ऑडिट पैरा को समाप्त करने के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर जोर दिया। समिति ने अधिकारियों को वित्तीय रिकॉर्ड की जांच और लंबित मामलों के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर

समिति के सभापति ने कहा कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन तत्परता, समर्पण, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के साथ किया जाना चाहिए। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा की स्थानीय निधि लेखा समिति के जिला दौरे का उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना और सरकारी तंत्र में जवाबदेही तथा वित्तीय अनुशासन को मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों से समिति के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा।

स्टूडेंट फंड के इस्तेमाल पर दिए निर्देश

बैठक में शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों से संबंधित गतिविधियों के लिए एकत्रित स्टूडेंट फंड के उपयोग पर भी चर्चा हुई। समिति ने निर्देश दिए कि इस राशि को केवल विद्यार्थियों से जुड़ी गतिविधियों पर ही खर्च किया जाए। इसके अलावा, शहरी निकायों में गृह कर, कचरा एकत्रीकरण शुल्क और दुकानों के किराये की वसूली के लिए प्रभावी प्रक्रिया अपनाने को कहा गया। समिति ने इन मदों से होने वाली आय और उनकी वसूली की स्थिति से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी।

एपीएमसी, लघु बचत और ई-गवर्नेंस के वित्तीय मामलों की समीक्षा

समिति ने कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) की आय-व्यय, लघु बचत और ई-गवर्नेंस से संबंधित राशि के खर्च सहित अन्य वित्तीय मामलों की समीक्षा की। अधिकारियों को इन विषयों पर जरूरी विवरण उपलब्ध करवाने और वित्तीय रिकॉर्ड में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। विधानसभा के उप सचिव ने विभिन्न विभागों और संस्थानों से प्राप्त रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में संबंधित अधिकारियों से वित्तीय मामलों की स्थिति और लंबित मुद्दों पर विस्तृत जानकारी ली गई।

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विधायक और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में समिति के सभापति संजय रत्न के साथ सदस्य विधायक कुलदीप सिंह राठौर, इंद्र दत्त लखनपाल, मलेंद्र राजन और विवेक शर्मा शामिल हुए। विधायक सुरेश कुमार ने भी बैठक में भाग लिया और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने समिति के सभापति और सदस्यों का स्वागत किया तथा निर्देशों का जिले में पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। एडीसी अभिषेक गर्ग ने उपस्थित सदस्यों और अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक में राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त राकेश शर्मा, विभिन्न विभागों के कार्यालय अध्यक्ष, एसडीएम, बीडीओ और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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