पालमपुर के चचियां स्कूल में विद्यार्थियों को कृषि के आधुनिक तरीकों की जानकारी
पालमपुर के चचियां स्कूल में विद्यार्थियों को कृषि के आधुनिक तरीकों की जानकारी

Author : Rajesh Vyas

Oct. 24, 2026 2:17 p.m. 110

पालमपुर, 24 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में विद्यार्थियों को खेती-किसानी से जोड़ने और कृषि के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने के लिए एक विशेष पहल की गई है। इसी उद्देश्य से राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चचियां में सात दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया। यह पहल हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना, जाइका के दूसरे चरण के तहत चलाए जा रहे Next Generation Programme का हिस्सा है। कार्यक्रम का शुभारंभ पालमपुर की खंड परियोजना प्रबंधन इकाई की ओर से किया गया। इसे जाइका के वित्तीय सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस दौरान विद्यार्थियों को कृषि के महत्व, खेती में आ रहे बदलावों और भविष्य में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों को कृषि के महत्व से कराया परिचित

कार्यक्रम में बताया गया कि कृषि केवल किसानों की आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बदलते समय में खेती को अधिक उपयोगी, टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए नई तकनीकों को समझना आवश्यक है। विद्यार्थियों को जल संरक्षण, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती और पौष्टिक आहार जैसे विषयों के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें बताया गया कि कृषि के क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच और नए प्रयोगों को अपनाकर उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

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प्राकृतिक खेती और रसायन मुक्त उत्पादन पर जोर

खंड परियोजना प्रबंधक अमित भूषण ने विद्यार्थियों को Natural Farming के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने रसायनों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने समझाया कि प्राकृतिक खेती मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और खेती को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने में सहायक हो सकती है। विद्यार्थियों को कृषि के ऐसे तरीकों के बारे में जानने के लिए प्रेरित किया गया, जिनसे खेती और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

कम जमीन में अधिक उत्पादन के लिए वर्टिकल फार्मिंग

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को Vertical Farming और हॉरिजॉन्टल फार्मिंग के बारे में भी समझाया गया। अमित भूषण ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन सीमित होने के कारण खेती के वैकल्पिक तरीकों की जानकारी उपयोगी हो सकती है। वर्टिकल फार्मिंग में उपलब्ध स्थान का ऊंचाई की दिशा में उपयोग करके सब्जियां और अन्य उपयुक्त फसलें उगाई जा सकती हैं। वहीं, हॉरिजॉन्टल फार्मिंग में जमीन की सतह पर सामान्य तरीके से खेती की जाती है। फसल, स्थान, पानी और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार खेती की पद्धति चुनने से उत्पादन और संसाधनों के उपयोग को बेहतर बनाया जा सकता है।

फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि की जानकारी

हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में Crop Diversification किसानों के लिए महत्वपूर्ण विषय है। इसके माध्यम से किसान स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अलग-अलग फसलों की खेती के विकल्पों को समझ सकते हैं। इससे खेती को केवल एक फसल पर निर्भर रखने के बजाय उपलब्ध भूमि और संसाधनों के अनुसार बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है। Sustainable Agriculture यानी टिकाऊ कृषि का उद्देश्य मिट्टी, पानी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करते हुए लंबे समय तक खेती को जारी रखना है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इन अवधारणाओं से परिचित कराकर कृषि के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया गया।

विद्यार्थियों के लिए आगे भी होंगी जागरूकता गतिविधियां

नेक्स्ट जनरेशन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि की उपयोगिता समझाना और उन्हें भविष्य में खेती तथा इससे जुड़े व्यवसायों के विकल्पों के प्रति प्रोत्साहित करना है। सात दिवसीय कार्यक्रम के दौरान जागरूकता सत्रों, व्यावहारिक गतिविधियों, कृषि संबंधी जानकारियों और रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को खेती के विभिन्न पहलुओं से परिचित करवाया जाएगा। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि कृषि में पारंपरिक अनुभव के साथ आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग भी महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में ये लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चचियां से नवीन कुमार, प्रवक्ता भौतिकी, और कमलेश, प्रवक्ता राजनीति विज्ञान उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त अमित भूषण, खंड परियोजना प्रबंधक पालमपुर, विक्रांत राणा, कृषि विशेषज्ञ, काजल, कृषि प्रसार अधिकारी एवं नोडल अधिकारी, आकांक्षा कटोच, कार्यालय सहायक, और भावित शाही, खंड समन्वयक (सीटीईडी) सहित विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

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