मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना बनी सहारा, भजराला के युवाओं को मिला अपना आशियाना
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना बनी सहारा, भजराला के युवाओं को मिला अपना आशियाना

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Jan. 5, 2026 11:08 a.m. 247

प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना जरूरतमंद और बेसहारा युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के तहत उपमंडल जोगिंदर नगर के भजराला गांव के हंसराज और अक्षित कुमार को न केवल पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्राप्त हुआ है। सरकार की ओर से दोनों लाभार्थियों को गृह निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है। इसके बाद लेंटर का कार्य पूरा होने पर उन्हें दो-दो लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी, जिससे उनके अपने घर का सपना साकार हो रहा है।

योजना के अंतर्गत राज्य सरकार हंसराज और अक्षित कुमार को हर माह चार-चार हजार रुपये की पॉकेट मनी भी दे रही है, ताकि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें। इसके साथ ही हंसराज ने योजना के तहत स्वरोजगार के लिए आवेदन किया था, जिस पर सरकार ने उन्हें 1 लाख 76 हजार रुपये की सहायता राशि दी है। इस आर्थिक सहयोग से उनका छोटा व्यवसाय मजबूत हुआ है और वे सम्मान के साथ अपनी आजीविका चला पा रहे हैं।

लाभार्थियों का कहना है कि यह योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सरकारी मदद से वे न सिर्फ अपना घर बना पा रहे हैं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस सहयोग के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है।

बाल विकास परियोजना अधिकारी चौंतड़ा बालम राम वर्मा ने बताया कि जोगिंदर नगर उपमंडल में इस योजना के तहत अब तक चार लाभार्थियों को गृह निर्माण की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। वहीं दो लाभार्थियों को व्यवसाय के लिए कुल 3 लाख 76 हजार रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा योजना के अंतर्गत 44 बच्चों को हर माह चार-चार हजार रुपये की पॉकेट मनी प्रदान की जा रही है, जिससे उनके पालन-पोषण और आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा सके।

उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में पांच बच्चों को पढ़ाई के लिए लगभग 3 लाख 78 हजार रुपये की सहायता दी गई है, जबकि पांच लाभार्थियों को विवाह के लिए कुल 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत अनाथ और बेसहारा बच्चों को राज्य के बच्चों का दर्जा दिया गया है, जिससे सरकार उनके माता-पिता की भूमिका निभा रही है। यह योजना समाज के कमजोर वर्गों को संबल देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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