Post by : Khushi Joshi
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में सरकारी स्कूलों को राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड से हटाकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जोड़ने की प्रक्रिया अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है। शिक्षा विभाग द्वारा अब तक जिन स्कूलों को सीबीएसई से एफीलिएशन के लिए प्रस्तावित किया गया था, उनमें से तिरासी स्कूलों को मान्यता मिल चुकी है और इन सभी स्कूलों के लिए एफीलिएशन नंबर भी जारी कर दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार कुल अट्ठानबे सरकारी स्कूलों को सीबीएसई के सरस 6.0 पोर्टल पर एफीलिएशन के लिए अपलोड किया गया था। इनमें से तिरासी स्कूलों ने एफीलिएशन के दोनों अनिवार्य चरण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। शेष बचे स्कूलों की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है और उन्हें जल्द ही पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी शिक्षा सत्र से प्रदेश के कम से कम एक सौ सरकारी स्कूल पूरी तरह से सीबीएसई बोर्ड के तहत संचालित किए जाएं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल पर शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को निजी स्कूलों के समान शैक्षणिक माहौल और सुविधाएं मिल सकेंगी।
सरकार इस योजना को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों की तैनाती को लेकर भी नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। प्रस्ताव है कि इन सीबीएसई स्कूलों के लिए अलग सब-कैडर तैयार किया जाए, ताकि यहां नियुक्त शिक्षकों का बार-बार तबादला न हो और पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विकल्प आमंत्रित किए जाएंगे और चयन प्रक्रिया परीक्षा के माध्यम से पूरी की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार इस पूरी व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। सरकार का फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में वास्तविक बदलाव आए और ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन सकें।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की यह पहल शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में और अधिक सरकारी स्कूलों को भी सीबीएसई बोर्ड के अंतर्गत लाने की योजना पर काम किया जा सकता है।
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