हिमाचल में रसोई गैस संकट, घरेलू आपूर्ति सुरक्षित, व्यावसायिक सिलिंडरों पर लगी रोक
हिमाचल में रसोई गैस संकट, घरेलू आपूर्ति सुरक्षित, व्यावसायिक सिलिंडरों पर लगी रोक

Post by : Himachal Bureau

March 13, 2026 12:58 p.m. 142

हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी और बरोटीवाला स्थित एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू गैस की आपूर्ति को लेकर राहत भरी खबर है। प्रदेश में घरेलू गैस की कोई किल्लत नहीं है, क्योंकि दोनों प्रमुख प्लांटों के पास वर्तमान में लगभग 400 मीट्रिक टन गैस का सुरक्षित स्टॉक मौजूद है। यह स्टॉक पूरे प्रदेश की घरेलू जरूरतों को तीन दिनों तक सुचारू रूप से पूरा करने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, व्यावसायिक सिलिंडरों की रिफिलिंग पर लगी रोक ने उद्योगों और खान-पान के कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

व्यावसायिक सप्लाई पर रोक से 20% गैस की बचत

बद्दी के जुड्डी कलां और बरोटीवाला के टिपरा स्थित बॉटलिंग प्लांटों में फिलहाल व्यावसायिक सिलिंडरों की भराई पूरी तरह बंद कर दी गई है। इस रोक का मुख्य उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार, व्यावसायिक श्रेणी पर रोक लगाने से रोजाना 20 फीसदी (करीब 9 ट्रक) गैस की बचत हो रही है, जिसका उपयोग अब घरेलू सिलिंडरों को भरने में किया जा रहा है। वर्तमान में केवल अस्पतालों और स्कूलों में मिड-डे मील के लिए ही विशेष अनुमति के साथ सिलिंडर भरे जा रहे हैं।

कालाबाजारी का बोलबाला: ₹1800 का सिलिंडर ₹4000 में

व्यावसायिक सिलिंडरों की सप्लाई रुकने का फायदा कालाबाजारी करने वाले उठा रहे हैं। बीबीएन  क्षेत्र के उद्योगों और ढाबों में गैस की भारी किल्लत हो गई है। जो कमर्शियल सिलिंडर पहले 1800 रुपये में उपलब्ध था, वह अब ब्लैक मार्केट में 3500 से 4000 रुपये तक बिक रहा है। कई उद्योगपति अपने कामगारों के भोजन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाहरी राज्यों से महंगे दामों पर अवैध तरीके से गैस मंगवा रहे हैं। वर्धमान कंपनी के सहायक उपाध्यक्ष मोहन जांगड़ा ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो कंपनियों में लकड़ी जलाकर खाना बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

आम आदमी की जेब पर बोझ: चाय और समोसा हुए महंगे

गैस की इस कमी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। स्थानीय ढाबों और होटलों में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए गए हैं। जो चाय पहले 10 रुपये में मिलती थी, वह अब 15 रुपये की हो गई है। इसी तरह समोसे और खाने की थाली के दामों में भी 5 से 10 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। संचालक तर्क दे रहे हैं कि महंगे दाम पर ब्लैक में सिलिंडर खरीदने के कारण उन्हें रेट बढ़ाना मजबूरी है।

शक्तिपीठों की तैयारी: नवरात्र में लकड़ी के चूल्हों पर बनेगा लंगर

आगामी चैत्र नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को भोजन की समस्या न हो, इसके लिए कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठों ने वैकल्पिक योजनाएं तैयार की हैं। ब्रजेश्वरी देवी मंदिर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 160 सिलिंडरों की प्री-बुकिंग करवा ली है। वहीं, ज्वालामुखी और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में मंदिर प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि यदि गैस की कमी बनी रहती है, तो श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था लकड़ी के चूल्हों पर की जाएगी।

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