राज्यपाल ने युवाओं से संस्कृति और नवाचार को साथ लेकर चलने का आह्वान किया
राज्यपाल ने युवाओं से संस्कृति और नवाचार को साथ लेकर चलने का आह्वान किया

Post by : Himachal Bureau

May 21, 2026 11:21 a.m. 127

धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित युवा संगम कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्हें आधुनिक सोच और सांस्कृतिक मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के तेजी से बदलते समय में आर्थिक विकास जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को बचाकर रखना भी है।

कार्यक्रम का आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत किया गया था, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आए विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पुदुचेरी के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्र भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और आपसी भाईचारे को मजबूत करना था।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि भारत की असली पहचान उसकी विविधता में छिपी हुई है। देश के अलग-अलग राज्यों की भाषाएं, खानपान, पहनावा और परंपराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन भारत की आत्मा एक है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति को समझने और उसका सम्मान करने का अवसर देते हैं।

राज्यपाल ने युवाओं को आधुनिक तकनीक और नए विचारों का उपयोग समाज और देश के विकास के लिए करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा शक्ति के पास अपार क्षमता है और वही आने वाले भारत की दिशा तय करेगी। उन्होंने छात्रों से केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहने बल्कि दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और नए नवाचार देश की आर्थिक प्रगति में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। युवाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मक सोच का उपयोग समाज के हित में करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सही उपयोग करके देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने बाहर से आए छात्रों को स्थानीय लोगों से जुड़ने और यहां की संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक जीवन को करीब से समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता तभी मजबूत होगी जब देश का युवा एक-दूसरे की परंपराओं और भावनाओं को समझेगा।

इस मौके पर दोनों शिक्षण संस्थानों के छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिनमें भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को बचाना और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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