पालमपुर में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर दिया जोर, आयुष्मान भारत को बताया अहम पहल
पालमपुर में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर दिया जोर, आयुष्मान भारत को बताया अहम पहल

Author : Rajesh Vyas

Oct. 31, 2026 12:45 p.m. 115

पालमपुर। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलें देश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रही हैं। आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाना है, ताकि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर उपचार मिल सके। राज्यपाल शनिवार को जिला कांगड़ा के पालमपुर में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें वार्षिक सम्मेलन और हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की वार्षिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने देश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य बीमा, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव का वास्तविक उद्देश्य केवल अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करना है।

आयुष्मान भारत सहित कई योजनाओं से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के लिए कई पहल की हैं। आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत योजना के स्वास्थ्य कवरेज के विस्तार का उल्लेख किया। उनके अनुसार, यह कदम बुजुर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करवाने के साथ उनके सम्मान और बेहतर जीवन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, स्वास्थ्य बीमा का दायरा बढ़ाने और डिजिटल तकनीक को चिकित्सा व्यवस्था से जोड़ने से आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल रही है। इसका लाभ विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाली आबादी को मिल सकता है।

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हिमाचल में 320 नई पीजी मेडिकल सीटों के लिए 415 करोड़ रुपये के आवंटन की सराहना

राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की 320 अतिरिक्त सीटें स्वीकृत किए जाने और इनके लिए केंद्र सरकार की ओर से 415 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की सराहना की। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में सीटों की संख्या बढ़ने से प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे चिकित्सा संस्थानों को मजबूती मिलने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में भी सहायता मिल सकती है। राज्यपाल के अनुसार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के लिए विशेष महत्व रखता है, जहां कई क्षेत्रों में मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

दूरदराज क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा सेवाएं मजबूत करने का आह्वान

सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने नेत्र स्वास्थ्य और आंखों की रोशनी की सुरक्षा को महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने कहा कि रोकी जा सकने वाली अंधता की रोकथाम केवल चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों की पेशेवर जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक बड़ी सेवा भी है। उन्होंने बताया कि नैदानिक तकनीकों में प्रगति, आधुनिक शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं, रेटिना संबंधी उपचारों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नई तकनीकों ने नेत्र रोगों की जल्द पहचान और बेहतर उपचार के अवसर बढ़ाए हैं। हालांकि, इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब आधुनिक चिकित्सा तकनीक समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, लंबी दूरियां, सीमित परिवहन सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पर्याप्त पहुंच का अभाव दूरदराज के इलाकों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में चुनौती पैदा करते हैं। उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों, निजी स्वास्थ्य संगठनों, विशेषज्ञ चिकित्सा समितियों और सेवा संगठनों से आपसी समन्वय के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति या भौगोलिक परिस्थितियां गुणवत्तापूर्ण नेत्र उपचार प्राप्त करने में बाधा नहीं बननी चाहिए।

चिकित्सा विशेषज्ञों से हिमाचल के लिए व्यावहारिक रणनीति बनाने की अपील

राज्यपाल ने सम्मेलन में शामिल नेत्र रोग विशेषज्ञों, स्वास्थ्य पेशेवरों और अन्य प्रतिनिधियों से हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक रणनीतियां तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए संस्थाओं और विशेषज्ञ संगठनों को मिलकर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन चिकित्सा क्षेत्र में वैज्ञानिक ज्ञान, व्यावसायिक अनुभव और नई उपचार पद्धतियों के आदान-प्रदान का अवसर देते हैं। इससे डॉक्टरों को नवीनतम तकनीकों और उपचार प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी साझा करने का मंच मिलता है, जिसका लाभ अंततः मरीजों को बेहतर उपचार के रूप में मिल सकता है। राज्यपाल ने सम्मेलन में भाग लेने के लिए हिमाचल पहुंचे प्रतिनिधियों और चिकित्सा विशेषज्ञों से प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों के दर्शन करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत प्रदेश की पहचान का अभिन्न हिस्सा है।

डॉ. सुधीर सल्होत्रा ने संभाली नॉर्थ जोन सोसाइटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी

सम्मेलन के दौरान राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने डॉ. सुधीर सल्होत्रा को नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करवाया। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. सूरत सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने एनजेडओएस जर्नल जारी किया और हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। उन्होंने सम्मेलन के आयोजन में योगदान देने वाले चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, आयोजकों और अन्य संबंधित लोगों की सराहना की। साथ ही नेत्र रोग विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, युवा चिकित्सकों और सम्मेलन में शामिल सभी प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं।

आयोजकों ने राज्यपाल का किया स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. गौरव लूथरा और पालमपुर रोटरी आई फाउंडेशन के निदेशक डॉ. सुधीर सल्होत्रा ने राज्यपाल का स्वागत और अभिनंदन किया। अपने संबोधन में डॉ. सुधीर सल्होत्रा ने नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की भूमिका और योगदान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्था नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, पेशेवर सहयोग मजबूत करने और विशेषज्ञों को अपने ज्ञान व अनुभव साझा करने के लिए साझा मंच उपलब्ध करवाने का काम कर रही है। इसके माध्यम से नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नए विकास और उपचार पद्धतियों पर विचार-विमर्श का अवसर मिलता है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. राम लाल शर्मा, पालमपुर रोटरी आई फाउंडेशन के अध्यक्ष के.जी. बुटेल, सोसाइटी के सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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