Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में सितंबर महीने की शुरुआत बारिश के साथ हुई है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने 2 सितंबर को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज वर्षा भी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर को कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट रहेगा।
प्रदेश में 5 सितंबर तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 6 सितंबर को कुछ स्थानों पर, जबकि 7 सितंबर को अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध होने का खतरा भी बना हुआ है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में मंगलवार शाम तक 60 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं।
सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां 26 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू में 12 और कांगड़ा में सात सड़कें प्रभावित हुई हैं। अन्य जिलों में भी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है।
सड़कों के बंद होने से कई क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। कुल्लू जिले में 11 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हुए हैं। प्रदेश में प्रभावित ट्रांसफार्मरों की कुल संख्या भी 11 दर्ज की गई है।
इसके साथ ही कई पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
बिलासपुर में 14, हमीरपुर में 12, सिरमौर के नाहन क्षेत्र में 11 और शिमला जिले के रामपुर में दो पेयजल योजनाओं पर बारिश का असर पड़ा है।
मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं के कारण बड़े स्तर पर जान-माल का नुकसान हुआ है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मानसून सीजन में अब तक 259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 468 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी भी लापता बताए गए हैं।
कुल मृतकों में से 153 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। वहीं 106 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, पानी में बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से संबंधित अन्य घटनाओं में हुई है।
भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रदेश में संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
अब तक 105 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 451 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 17 दुकानें और 397 पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
मानसून से जुड़ी घटनाओं में 460 मवेशियों की मौत भी दर्ज की गई है।
सरकारी आकलन के अनुसार इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश को अब तक करीब 1,202 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
इसमें सबसे बड़ा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। विभाग को करीब 914 करोड़ रुपये की क्षति होने का अनुमान है।
कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी के बीच पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतना जरूरी है। बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले मार्गों पर यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।
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