संजौली बाजार में आवारा कुत्तों का हमला, बेटी के दाखिले आए पिता घायल
संजौली बाजार में आवारा कुत्तों का हमला, बेटी के दाखिले आए पिता घायल

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Nov. 2, 2026 5:37 p.m. 113

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली बाजार में आवारा कुत्तों के हमले की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह कुत्तों के एक झुंड ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि वह अपनी बेटी के नर्सिंग पाठ्यक्रम में दाखिले के सिलसिले में शिमला आया था। इसी दौरान उसे बाजार में कुत्तों के हमले का सामना करना पड़ा। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा और आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, घटना से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी और घायल व्यक्ति की वर्तमान स्थिति की पुष्टि संबंधित अधिकारियों से की जानी चाहिए।

संजौली बाजार में अचानक हुआ हमला

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, संजौली बाजार में मौजूद कुत्तों के झुंड ने अचानक व्यक्ति को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। हमले में व्यक्ति को कई जगह चोटें आने की बात कही जा रही है। घटना के बाद आसपास के लोगों में चिंता का माहौल बन गया। संजौली शिमला का व्यस्त इलाका है, जहां स्थानीय निवासियों के साथ-साथ खरीदारी करने वाले लोग, विद्यार्थी और दूसरे क्षेत्रों से आने वाले लोग भी पहुंचते हैं। ऐसे में बाजार और सार्वजनिक रास्तों पर कुत्तों के झुंड दिखाई देने से लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

आवारा कुत्तों की समस्या से परेशान स्थानीय लोग

स्थानीय लोगों के अनुसार, संजौली बाजार और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय बाजार में आवाजाही करने वालों को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है। बच्चों, बुजुर्गों और अकेले चलने वाले लोगों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि संबंधित विभाग समस्या की गंभीरता को देखते हुए नियमित निरीक्षण करें और आक्रामक व्यवहार करने वाले कुत्तों के मामलों में नियमानुसार उचित कदम उठाएं।

नगर निगम की भूमिका पर उठे सवाल

घटना के बाद शिमला नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को ऐसी शिकायतों पर समय रहते ध्यान देना चाहिए। नागरिक चाहते हैं कि शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था प्रभावी हो, संबंधित विभागों की टीमें क्षेत्र का निरीक्षण करें और समस्या के समाधान के लिए नियमित कार्ययोजना बनाई जाए। हालांकि, इस मामले में नगर निगम की ओर से की गई कार्रवाई या आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

पशु संरक्षण के साथ नागरिकों की सुरक्षा भी जरूरी

आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान करते समय पशु कल्याण और लोगों की सुरक्षा, दोनों का ध्यान रखना आवश्यक है। कुत्तों की देखभाल, टीकाकरण और नसबंदी जैसे उपायों के साथ आक्रामक व्यवहार से जुड़ी शिकायतों पर भी नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है। विशेषज्ञों की सलाह है कि कुत्तों के झुंड के सामने अचानक दौड़ने, उन्हें छेड़ने या उकसाने से बचना चाहिए। यदि कोई कुत्ता आक्रामक हो जाए, तो शांत रहने की कोशिश करें और सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। काटने या खरोंचने की स्थिति में घाव को साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोकर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

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प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग

संजौली की घटना के बाद स्थानीय लोगों की मांग है कि बाजार और आसपास के सार्वजनिक रास्तों की निगरानी बढ़ाई जाए। शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया, जिम्मेदार विभागों के बीच समन्वय और दीर्घकालिक प्रबंधन से ऐसी घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

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