राजगढ़ में संघ का भव्य पथ संचलन, शस्त्र पूजन के साथ मनाया उत्सव
राजगढ़ में संघ का भव्य पथ संचलन, शस्त्र पूजन के साथ मनाया उत्सव

Author : Gopal Dutt Sharma

Nov. 2, 2026 5:44 p.m. 111

राजगढ़, जिला सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के राजगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से विजयादशमी उत्सव पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। संघ के 101वें वर्ष के उपलक्ष्य में नेहरू मैदान में विशेष कार्यक्रम हुआ। इस दौरान शस्त्र पूजन, ध्वजारोहण और ध्वज प्रणाम के बाद स्वयंसेवकों ने नगर में पथ संचलन निकाला। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।

नेहरू मैदान से शुरू हुआ पथ संचलन

कार्यक्रम की शुरुआत नेहरू मैदान में निर्धारित परंपराओं के अनुसार की गई। शस्त्र पूजन और ध्वजारोहण के बाद स्वयंसेवकों ने ध्वज प्रणाम किया। इसके पश्चात अनुशासित पंक्तियों में पथ संचलन शुरू हुआ। स्वयंसेवक कदमताल करते हुए राजगढ़ शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। नगर की परिक्रमा पूरी करने के बाद संचलन नेहरू मैदान में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान संगठन, सामूहिकता और सामाजिक दायित्वों के महत्व पर जोर दिया गया।

मुख्य अतिथि ने युवाओं को दिया संदेश

कार्यक्रम में वेद प्रकाश ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा, सांस्कृतिक विचारधारा और सामाजिक गतिविधियों पर विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान बनाए रखने और अपने समय का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया। साथ ही, सामाजिक माध्यमों का उपयोग सोच-समझकर करने और उनके संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

विजयादशमी उत्सव का विशेष महत्व

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। संघ की परंपरा में विजयादशमी का विशेष स्थान है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों को अनुशासन, संगठन भावना और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने पर बल दिया जाता है। संघ के खंड कार्यवाह विकल्प सिंह ठाकुर ने विजयादशमी को शौर्य, शक्ति और धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि शाखाओं में शारीरिक गतिविधियों, बौद्धिक विकास और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व निर्माण पर ध्यान दिया जाता है।

प्रांतीय प्रचारक ने बताई संगठन की परंपरा

कार्यक्रम में संघ के प्रांतीय प्रचारक प्रताप सिंह ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने संघ की स्थापना, विजयादशमी उत्सव की परंपरा और पथ संचलन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शस्त्र पूजन और पथ संचलन जैसे आयोजन स्वयंसेवकों में अनुशासन, संगठन के प्रति समर्पण और समाज के प्रति दायित्व निभाने की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किए जाते हैं।

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राजगढ़ में एकता और राष्ट्रसेवा का संदेश

राजगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से नगर भ्रमण किया। आयोजन के माध्यम से सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के महत्व को रेखांकित किया गया। स्थानीय स्तर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी और संगठन की परंपराओं को प्रमुखता दी जाती है। नेहरू मैदान से शुरू हुआ पथ संचलन इसी आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा।

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