हिमाचल के 6 मेडिकल कॉलेजों को 320 पीजी सीटें और ₹415 करोड़ मंजूर
हिमाचल के 6 मेडिकल कॉलेजों को 320 पीजी सीटें और ₹415 करोड़ मंजूर

Author : Rajesh Vyas

Oct. 26, 2026 11:44 a.m. 110

पालमपुर। हिमाचल प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों के लिए 320 स्नातकोत्तर यानी पीजी सीटों की स्वीकृति और उनके संचालन के लिए 415 करोड़ रुपये की मंजूरी को पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण निर्णय बताया है। उन्होंने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त किया। प्रवीन कुमार के अनुसार, इस फैसले से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंच सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर सीटों का विस्तार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा कि छह मेडिकल कॉलेजों के लिए 320 पीजी सीटों की स्वीकृति से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। इससे चिकित्सा क्षेत्र में आगे की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पीजी स्तर की चिकित्सा शिक्षा विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विभिन्न चिकित्सा विषयों में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से भविष्य में अस्पतालों को विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने कहा कि 415 करोड़ रुपये की मंजूरी भी इस पहल का अहम हिस्सा है। स्वीकृत राशि का उद्देश्य संबंधित मेडिकल कॉलेजों के संचालन को सुचारू बनाने में सहायता देना है।

पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होने की उम्मीद

हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हैं। कई दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ उपचार के लिए बड़े अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। प्रवीन कुमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों का विस्तार होने से आने वाले समय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसका लाभ उन मरीजों को भी मिलने की संभावना है, जिन्हें उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि सीटों के संचालन, विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता और अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं को किस तरह विकसित किया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जेपी नड्डा का जताया आभार

प्रवीन कुमार ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विषयों को महत्व मिलना प्रदेश के लिए सकारात्मक बात है। उनके अनुसार, इस मंजूरी से स्वास्थ्य क्षेत्र में आगे विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। पूर्व विधायक ने उम्मीद जताई कि यह निर्णय प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को नई मजबूती देने और भविष्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में सहायक होगा।

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हिमाचल के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए क्यों अहम है यह मंजूरी?

320 पीजी सीटों और 415 करोड़ रुपये की स्वीकृति से जुड़ा निर्णय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं, दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर प्रशिक्षण के अवसर बढ़ने से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैयारी को गति मिल सकती है। वहीं, संस्थानों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध होने से उनकी क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

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