स्मार्ट मीटर लगाने के तरीके पर प्रवीन कुमार ने उठाए सवाल, विभाग से मांगी पूरी जानकारी
स्मार्ट मीटर लगाने के तरीके पर प्रवीन कुमार ने उठाए सवाल, विभाग से मांगी पूरी जानकारी

Author : Rajesh Vyas

Oct. 8, 2026 4:18 p.m. 120

पालमपुर: पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने विद्युत विभाग की ओर से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए और उनकी शंकाओं का समाधान करने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने विभाग की ओर से दिए गए 24 घंटे के नोटिस की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रवीन कुमार के अनुसार, उनकी अनुपस्थिति में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए विभागीय कर्मचारी उनके घर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने उनके बच्चों पर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए दबाव बनाया। इस दौरान सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल संख्या-2, एचपीएसईबी पालमपुर के हस्ताक्षर वाला 24 घंटे की वैधानिक सूचना संबंधी नोटिस भी उनके बच्चों को दिया गया।

उपभोक्ताओं को पहले पूरी जानकारी देने की मांग

पूर्व विधायक ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय लिया गया है तो विभाग को उपभोक्ताओं को इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध करवानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि घर का मालिक मौके पर मौजूद नहीं होने की स्थिति में परिवार के बच्चों को नोटिस देकर मीटर लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित तरीका है या नहीं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को यह बताया जाना चाहिए कि स्मार्ट मीटर लगाने में उनका कोई आर्थिक खर्च आएगा या नहीं। यदि भविष्य में मीटर के लिए कोई शुल्क लिया जाना है तो उसकी राशि, भुगतान की प्रक्रिया और जिम्मेदारी भी स्पष्ट की जानी चाहिए।

स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी पर भी सवाल

प्रवीन कुमार ने स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी या कंपनी को लेकर भी विभाग से जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि मीटर लगाने का काम किस एजेंसी को सौंपा गया है और उसका चयन किस प्रक्रिया के तहत किया गया। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया, कार्य की शर्तों और संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारियों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को भी यह जानकारी मिलनी चाहिए कि उनके घर में लगाया जाने वाला मीटर किस व्यवस्था के तहत लगाया जा रहा है।

पुराने मीटर बदलने का कारण स्पष्ट करने की मांग

पूर्व विधायक ने वर्तमान बिजली मीटरों को बदलने के औचित्य पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ताओं के घरों में लगे पुराने मीटर सही तरीके से काम कर रहे हैं और लोग नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं, तो उन्हें बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ी, यह विभाग को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों की उपयोगिता और पुराने मीटरों की तुलना में इनके फायदे के बारे में भी उपभोक्ताओं को जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि लोगों के बीच किसी तरह की आशंका न रहे।

Read Also: मेजर विजय सिंह मनकोटिया के सम्मान में शाहपुर कॉलेज का नामकरण और कांगड़ा में प्रतिमा स्थापित करने की मांग

बिल वितरकों के रोजगार को लेकर जताई चिंता

प्रवीन कुमार ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था का एक अन्य पहलू बिल वितरण से जुड़े रोजगार को बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में बिजली मीटरों की रीडिंग और बिल वितरण से कई लोगों को रोजगार मिला हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि यदि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल वितरण की जरूरत कम होती है या यह व्यवस्था समाप्त हो जाती है, तो इन लोगों के रोजगार और आजीविका का क्या होगा। उन्होंने विभाग तथा स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

“मेरे घर का मालिक मैं हूं या विद्युत बोर्ड?”

प्रवीन कुमार ने कहा कि वह तकनीकी बदलाव या विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने का तरीका पारदर्शी और संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता विद्युत विभाग का ग्राहक है और उसे नई व्यवस्था के बारे में पर्याप्त जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने विभाग से स्मार्ट मीटर की कीमत, उपभोक्ता पर संभावित आर्थिक भार, मीटर लगाने वाली एजेंसी, टेंडर प्रक्रिया, पुराने मीटर बदलने के कारण और बिल वितरकों के भविष्य से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। उन्होंने कहा, “मेरे घर का मालिक मैं हूं या विद्युत बोर्ड?” प्रवीन कुमार ने कहा कि यदि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के हित में हैं तो विभाग को उनकी उपयोगिता और लाभ के बारे में खुले तौर पर जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को धमकी या दबाव के बजाय संवाद और विश्वास के साथ लागू किया जाना चाहिए। पूर्व विधायक ने प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस की ओर से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डालने को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #राजनीति #ताज़ा खबरें #कांगड़ा समाचार
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का नाम रोशन सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर 51 हजार जुर्माना मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रैंक, सराज का नाम किया रोशन 1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी किए निर्देश मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंबर तक चलेगी यात्रा