Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हमीरपुर जिले में 28 जून को आयोजित होने वाले सघन पोलियो प्रतिरक्षण अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के तहत जिले के लगभग 29,924 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पांच वर्ष तक की आयु का कोई भी बच्चा इस अभियान से नहीं छूटना चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित संस्थाओं को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं और टीकाकरण कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पोलियो अभियान को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए। विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों की बस्तियों और निर्माण स्थलों पर रहने वाले परिवारों के बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि सभी पात्र बच्चों को दवा मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभियान के दिन जिले के विभिन्न गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में तैनात रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए समय पर दवा पिलाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
बैठक में बच्चों के नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए निर्धारित टीकों से कोई भी पात्र बच्चा वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि सभी बच्चों तक समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें।
किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीके लगाए जा रहे हैं। जिला में अब तक 1462 लड़कियों का टीकाकरण किया जा चुका है। प्रशासन ने सभी पात्र लड़कियों तक इस सुविधा को पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। इस योजना के तहत बच्चों में विभिन्न बीमारियों की पहचान और उनका निशुल्क उपचार किया जाता है। इसके अलावा शिशुओं और माताओं से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का भी आकलन किया गया। प्रशासन ने अधिकारियों को स्वास्थ्य योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
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इसके अलावा टीबी मुक्त अभियान, कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम, एचआईवी-एड्स जागरूकता, नशा उपचार केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे 28 जून को अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक प्रयासों से ही बच्चों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है और स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है।
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