हमीरपुर जिला परिषद विवाद: सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे BJP विधायक
हमीरपुर जिला परिषद विवाद: सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे BJP विधायक

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

June 27, 2026 4:26 p.m. 311

हमीरपुर में जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं होने के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के विधायकों और नेताओं ने जिला प्रशासन तथा प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा नेताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने उपायुक्त हमीरपुर को एक ज्ञापन भी सौंपा और पूरे मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की।

उपायुक्त कार्यालय के बाहर भाजपा का धरना

भाजपा के विधायक, जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपायुक्त कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का गठन जानबूझकर रोका जा रहा है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है और जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के अधिकारों का सम्मान नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए और पूरे मामले में निष्पक्ष निर्णय की मांग उठाई गई।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

धरने के दौरान भाजपा नेताओं ने प्रदेश सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जिला परिषद में बहुमत की स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं कराया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार प्रशासन का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो पार्टी आगे भी आंदोलन जारी रखेगी।

उपायुक्त को सौंपा गया ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के गठन की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की मांग की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार चुने गए सदस्यों को उनका अधिकार मिलना चाहिए। भाजपा नेताओं ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाएगा।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। भाजपा का कहना है कि यदि समय पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं होता है तो विकास कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। उनका दावा है कि जिला परिषद की कई योजनाएं और प्रशासनिक फैसले लंबित पड़े हैं, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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आने वाले दिनों में बढ़ सकती है राजनीतिक गतिविधियां

हमीरपुर में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासन और सरकार की ओर से इस मामले में क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और बढ़ सकती हैं तथा जिला परिषद के गठन को लेकर नया फैसला सामने आ सकता है।

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