धनेड़ गांव में खुला विद्या केंद्र, अब ग्रामीण बच्चों को मिलेगी निशुल्क शिक्षा
धनेड़ गांव में खुला विद्या केंद्र, अब ग्रामीण बच्चों को मिलेगी निशुल्क शिक्षा

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

June 27, 2026 2:50 p.m. 122

हमीरपुर जिले की धनेड़ पंचायत के धनेड़ गांव में ग्रामीण बच्चों की शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सर्वजन कल्याण सभा ने एक नए विद्या केंद्र का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य उन बच्चों को स्कूल के बाद अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है, जिन्हें गांव में गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। संस्था का मानना है कि सही समय पर सही शिक्षा और मार्गदर्शन मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और बच्चों का भविष्य अधिक मजबूत बनेगा।

शुभारंभ कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग हुए शामिल

विद्या केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम में भाजपा शहरी निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अजमेर ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि समाजसेवी रामनाथ शर्मा विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम में सर्वजन कल्याण सभा के पदाधिकारी, स्थानीय लोग और अभिभावक भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रयास ग्रामीण समाज के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।

ग्रामीण बच्चों को मिलेगा स्कूल के बाद निशुल्क मार्गदर्शन

मुख्य अतिथि अजमेर ठाकुर ने कहा कि गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले कई बच्चों को स्कूल की पढ़ाई के बाद उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। ऐसे में कई प्रतिभाशाली बच्चे अपनी क्षमता के अनुसार आगे नहीं बढ़ पाते। उन्होंने कहा कि सर्वजन कल्याण सभा द्वारा शुरू किया गया विद्या केंद्र इस कमी को दूर करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर सोच, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलेगी।

25 से अधिक बच्चों को मिलेगा निशुल्क शिक्षा का लाभ

सर्वजन कल्याण सभा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन शर्मा ने बताया कि विद्या केंद्र में पहली से दसवीं कक्षा तक के 25 से अधिक बच्चों को पूरी तरह निशुल्क पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को स्कूल के बाद उनके अपने गांव में ही पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। इससे अभिभावकों को भी राहत मिलेगी और बच्चों का समय तथा खर्च दोनों बचेंगे। संस्था का लक्ष्य आने वाले समय में ऐसे और केंद्र शुरू कर अधिक से अधिक ग्रामीण बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना है।

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शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी रहेगा जोर

नवीन शर्मा ने कहा कि गांवों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही दिशा और अवसर मिलने जरूरी हैं। विद्या केंद्र में बच्चों को केवल पाठ्यक्रम की पढ़ाई ही नहीं कराई जाएगी, बल्कि उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच का भी विकास किया जाएगा। उनका कहना था कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें सही मार्गदर्शन देना समाज की साझा जिम्मेदारी है।

ग्रामीण शिक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिक्षा केंद्र बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्कूल के बाद मिलने वाली अतिरिक्त पढ़ाई से कमजोर विद्यार्थियों को मदद मिलेगी, जबकि प्रतिभाशाली बच्चों को अपनी क्षमता और बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा। इससे गांवों में शिक्षा का स्तर मजबूत होगा और भविष्य में अधिक बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ सकेंगे।

विद्या केंद्र से बच्चों और अभिभावकों को क्या मिलेगा लाभ?

धनेड़ गांव में शुरू किया गया यह विद्या केंद्र केवल एक शिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत माना जा रहा है। यहां बच्चों को निशुल्क शिक्षा, बेहतर मार्गदर्शन और सकारात्मक सीखने का वातावरण मिलेगा। इससे अभिभावकों का आर्थिक बोझ भी कम होगा और बच्चों को अपने गांव में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। संस्था ने विश्वास जताया है कि यदि समाज इसी तरह शिक्षा के लिए आगे आता रहा तो ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों का भविष्य और अधिक उज्ज्वल बनाया जा सकता है।

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