बिलासपुर के दनोह गांव में चंदन चोरी: शातिर तस्करों ने कुल्हाड़ी से पेड़ों को काटकर वन संपदा को नुकसान पहुँचाया
बिलासपुर के दनोह गांव में चंदन चोरी: शातिर तस्करों ने कुल्हाड़ी से पेड़ों को काटकर वन संपदा को नुकसान पहुँचाया

Post by : Himachal Bureau

Feb. 12, 2026 3:03 p.m. 144

बिलासपुर शहर के समीपवर्ती दनोह गांव में बीती रात एक गंभीर चंदन चोरी की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, अज्ञात शातिर तस्करों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी और चंदन के कई पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाकर उनकी कीमती लकड़ी पर हाथ साफ कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, एक साथ लगभग 10 से 15 चंदन के पेड़ काटे गए, जिससे स्थानीय वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है।

ग्रामीणों ने बुधवार सुबह अपने खेतों में जाकर पेड़ों के ठूंठ देखे और इस भयावह दृश्य को देखकर दंग रह गए। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों के कटने की घटना ने न केवल आर्थिक नुकसान किया है, बल्कि क्षेत्र में वन संरक्षण और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

तस्करों ने पूरी वारदात को बहुत ही शातिराना तरीके से अंजाम दिया। उन्होंने रात के सन्नाटे का लाभ उठाते हुए कई दर्जन चंदन के पेड़ों को काटा और तुरंत रफूचक्कर हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में चंदन चोरी की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं और इससे वन संपदा और पर्यावरणीय संतुलन को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग की गश्त और निगरानी पर सवाल उठाते हुए तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने की मांग की है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का मुआयना किया। अधिकारियों ने कहा कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। विभाग ने भविष्य में गश्त बढ़ाने और निगरानी कड़ी करने का आश्वासन दिया है।

वन अधिकारियों का कहना है कि चंदन की चोरी केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और स्थानीय समुदाय के जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी दें ताकि तस्करों को पकड़ने में मदद मिल सके।

ग्रामीणों और वन विभाग के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है, और दोनों पक्षों ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। क्षेत्र में वन सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष गश्त दल बनाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी कैमरे लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश में चंदन की चोरी रोकना अभी भी एक चुनौती बनी हुई है और इसके लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और समुदाय को मिलकर सतर्क और सक्रिय रहना होगा।

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