डी.बी.पी.एस स्कूल जोगिंद्रनगर में दयानंद सरस्वती जयंती और विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरण समारोह
डी.बी.पी.एस स्कूल जोगिंद्रनगर में दयानंद सरस्वती जयंती और विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरण समारोह

Author : Rajesh Vyas

Feb. 12, 2026 6:11 p.m. 117

जोगिंद्रनगर में डी.बी.पी.एस स्कूल ने वीरवार को महर्षि दयानंद सरस्वती की 202वीं जयंती बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाई। इस अवसर पर स्कूल में विशेष पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में स्कूल के लगभग 300 विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह का शुभारंभ डी.सी कटोच ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन ओम मरवाह, महासचिव विजय जमवाल, प्रधानाचार्य राजेश डोगरा और अन्य समिति सदस्य उपस्थित थे। सभी ने मुख्यातिथि को शाल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वामी दयानंद के जीवन, उनके आदर्शों और शिक्षाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। बच्चों ने मंत्रोच्चारण, नाट्य और गीतों के माध्यम से दयानंद सरस्वती के चरित्र और उनके द्वारा दिए गए संदेश को दर्शाया। इससे कार्यक्रम में एक धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बना।

मुख्यातिथि डी.सी कटोच ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी दयानंद के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा में भी आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि सही सोच, निर्भीकता और सेवाभाव से विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

प्रधानाचार्य राजेश डोगरा ने स्कूल की सालाना रिपोर्ट प्रस्तुत की और विद्यार्थियों की उपलब्धियों, शिक्षा और संस्कार पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्कूल के शिक्षकों द्वारा तैयार किया गया एक विशेष वीडियो सॉन्ग भी प्रदर्शित किया गया, जिसे शिक्षक अंशुल धीमान ने लिखा और गाया।

इस समारोह में विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल क्षेत्रों में प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार प्रदान किए गए। सम्मानित विद्यार्थियों की सूची में समायरा, नायरा, आरवी, विनायक, आनया, सृष्टि, रिहान, आदर्श, अमायरा, युगदर्श, रियांश, रावश, आरव सहित कई अन्य विद्यार्थियों के नाम शामिल थे।

कार्यक्रम का समापन प्रार्थना, शांति पाठ और राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। इस आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों को सम्मानित किया बल्कि उन्हें शिक्षा और संस्कार के महत्व को समझने और अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस समारोह ने यह संदेश भी दिया कि स्कूल शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को नैतिक मूल्य और संस्कृति से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। भविष्य में ऐसे कार्यक्रम बच्चों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ाने में मदद करेंगे।

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