Post by : Shivani Kumari
वैश्विक लॉजिस्टिक्स और बंदरगाह प्रबंधन कंपनी डीपी वर्ल्ड ने मिस्र में 29 मिलियन डॉलर की लागत से एक अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। यह परियोजना मिस्र के कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने, आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने और देश की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस कोल्ड स्टोरेज केंद्र का मुख्य उद्देश्य मिस्र के कृषि उत्पादों, विशेष रूप से फलों, सब्जियों, डेयरी उत्पादों और समुद्री खाद्य पदार्थों के भंडारण और निर्यात को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना है। मिस्र अफ्रीका और मध्य पूर्व के बीच एक रणनीतिक व्यापारिक केंद्र के रूप में उभर रहा है, और यह परियोजना उस स्थिति को और मजबूत करेगी।
डीपी वर्ल्ड का कहना है कि यह केंद्र मिस्र के किसानों और निर्यातकों को वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगा। इससे उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहेगी और निर्यात में होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।
यह कोल्ड स्टोरेज केंद्र मिस्र के प्रमुख बंदरगाह क्षेत्र में बनाया जाएगा, जिससे आयात-निर्यात की प्रक्रिया तेज और कुशल हो सके। परियोजना के तहत अत्याधुनिक तापमान नियंत्रण प्रणाली, स्वचालित भंडारण तकनीक और डिजिटल ट्रैकिंग सुविधाएँ शामिल होंगी।
केंद्र की क्षमता हजारों टन कृषि उत्पादों को एक साथ सुरक्षित रखने की होगी। यह मिस्र के कृषि क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है, क्योंकि अब तक देश में इस स्तर की कोल्ड स्टोरेज सुविधाएँ सीमित थीं।
डीपी वर्ल्ड, जो दुबई स्थित एक वैश्विक लॉजिस्टिक्स कंपनी है, पहले से ही मिस्र में कई बंदरगाह और औद्योगिक परियोजनाओं का संचालन कर रही है। कंपनी का उद्देश्य मिस्र को अफ्रीका, यूरोप और एशिया के बीच एक प्रमुख व्यापारिक गलियारे के रूप में विकसित करना है।
डीपी वर्ल्ड मिस्र के प्रबंध निदेशक ने कहा, “यह परियोजना मिस्र के कृषि क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि मिस्र के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उच्च गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी के लिए जाने जाएँ।”
मिस्र की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 15 प्रतिशत है और यह लाखों लोगों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। हालांकि, भंडारण और परिवहन की सीमाओं के कारण देश को हर साल अरबों डॉलर का नुकसान होता है।
इस कोल्ड स्टोरेज केंद्र के निर्माण से न केवल उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस परियोजना से मिस्र के कृषि निर्यात में अगले पाँच वर्षों में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
डीपी वर्ल्ड की इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे। निर्माण चरण में इंजीनियरों, तकनीशियनों और श्रमिकों की बड़ी संख्या को काम मिलेगा, जबकि संचालन के दौरान स्थायी नौकरियाँ भी सृजित होंगी।
इसके अलावा, यह परियोजना स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और छोटे व्यवसायों के लिए भी नए अवसर खोलेगी। मिस्र सरकार ने इसे “राष्ट्रीय औद्योगिक विकास योजना” का हिस्सा बताया है।
मिस्र सरकार ने इस परियोजना को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि यह निवेश मिस्र की “विजन 2030” योजना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य देश को क्षेत्रीय व्यापार केंद्र बनाना है।
सरकार ने डीपी वर्ल्ड को भूमि, कर रियायतें और बुनियादी ढाँचे के विकास में सहयोग देने का वादा किया है। यह साझेदारी सार्वजनिक-निजी सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है।
मिस्र के कृषि उत्पाद जैसे संतरे, अंगूर, प्याज, आलू और खजूर विश्वभर में लोकप्रिय हैं। लेकिन भंडारण और परिवहन की कमी के कारण इन उत्पादों की गुणवत्ता अक्सर प्रभावित होती थी।
नए कोल्ड स्टोरेज केंद्र से इन उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा, जिससे निर्यात की मात्रा और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। इससे मिस्र यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बाजारों में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगा।
डीपी वर्ल्ड इस परियोजना में नवीनतम तकनीक का उपयोग करेगी। केंद्र में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली, जल पुनर्चक्रण संयंत्र और पर्यावरण अनुकूल शीतलन तकनीकें लगाई जाएँगी।
कंपनी का कहना है कि यह केंद्र “ग्रीन लॉजिस्टिक्स” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
मिस्र की भौगोलिक स्थिति उसे अफ्रीका, एशिया और यूरोप के बीच एक रणनीतिक व्यापारिक केंद्र बनाती है। स्वेज नहर के माध्यम से हर साल लाखों टन माल का परिवहन होता है।
डीपी वर्ल्ड की यह परियोजना मिस्र को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी। इससे देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ेगी और विदेशी निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा।
इस परियोजना की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार समुदाय ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कई विशेषज्ञों ने कहा कि यह निवेश मिस्र को अफ्रीका में लॉजिस्टिक्स और कृषि निर्यात का केंद्र बना देगा।
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने भी इस पहल की सराहना की है और कहा कि यह मिस्र के कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
डीपी वर्ल्ड ने संकेत दिया है कि यह परियोजना केवल शुरुआत है। कंपनी आने वाले वर्षों में मिस्र में और भी लॉजिस्टिक्स केंद्र, औद्योगिक पार्क और डिजिटल व्यापार प्लेटफॉर्म स्थापित करने की योजना बना रही है।
इससे मिस्र को क्षेत्रीय व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश मिस्र की दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता में योगदान देगा।
इस परियोजना से मिस्र के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अब वे अपने उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे और बेहतर कीमत प्राप्त कर सकेंगे।
डीपी वर्ल्ड किसानों के साथ साझेदारी कर उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, पैकेजिंग और निर्यात मानकों के बारे में प्रशिक्षण भी देगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
परियोजना में महिलाओं और युवाओं को विशेष रूप से शामिल करने की योजना है। डीपी वर्ल्ड ने कहा है कि वह स्थानीय समुदायों में कौशल विकास कार्यक्रम चलाएगी, जिससे महिलाएँ और युवा रोजगार के नए अवसर पा सकें।
यह पहल सामाजिक समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
डीपी वर्ल्ड ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन करेगी। निर्माण में पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग किया जाएगा और ऊर्जा खपत को न्यूनतम रखने के उपाय किए जाएँगे।
कंपनी का लक्ष्य है कि यह केंद्र “शून्य अपशिष्ट” मॉडल पर काम करे, जिससे पर्यावरण पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
यह परियोजना मिस्र में सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल की सफलता का उदाहरण है। सरकार और डीपी वर्ल्ड मिलकर इस परियोजना को आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
मिस्र के वाणिज्य मंत्री ने कहा, “यह साझेदारी हमारे आर्थिक सुधार कार्यक्रम की सफलता को दर्शाती है। हम चाहते हैं कि मिस्र निवेश के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बने।”
डीपी वर्ल्ड द्वारा मिस्र में 29 मिलियन डॉलर की लागत से कोल्ड स्टोरेज केंद्र का निर्माण केवल एक निवेश परियोजना नहीं, बल्कि मिस्र की आर्थिक प्रगति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह परियोजना कृषि निर्यात, रोजगार, तकनीकी नवाचार और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में मिस्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
यह पहल मिस्र को अफ्रीका और मध्य पूर्व के बीच एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी और देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करेगी।
डीपी वर्ल्ड दुबई स्थित एक वैश्विक लॉजिस्टिक्स और बंदरगाह प्रबंधन कंपनी है, जो विश्वभर में व्यापारिक बुनियादी ढाँचे का संचालन करती है।
यह कोल्ड स्टोरेज केंद्र मिस्र के प्रमुख बंदरगाह क्षेत्र में बनाया जाएगा, जिससे निर्यात प्रक्रिया तेज और कुशल हो सके।
इस परियोजना की कुल लागत लगभग 29 मिलियन डॉलर है।
इससे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा, निर्यात बढ़ेगा, रोजगार सृजित होंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
हाँ, इसमें सौर ऊर्जा, जल पुनर्चक्रण और ऊर्जा दक्ष तकनीकों का उपयोग किया जाएगा ताकि पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनतम रहे।
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